Whatsapp Security Feature: Meta ने WhatsApp यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नया लॉकडाउन जैसा सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है। इसका नाम Strict Account Settings है। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें डिजिटल जासूसी या हैकिंग का ज्यादा खतरा होता है। यह फीचर WhatsApp की सबसे सख्त प्राइवेसी सेटिंग्स को एक साथ लागू कर देता है, ताकि अकाउंट को एडवांस साइबर अटैक से बचाया जा सके।
WhatsApp का नया Strict Account Settings फीचर पत्रकारों, एक्टिविस्ट और पब्लिक फिगर जैसे हाई-रिस्क यूजर्स को साइबर हमलों और स्पायवेयर से बचाने के लिए सख्त प्राइवेसी और सिक्योरिटी कंट्रोल एक साथ एक्टिव करता है।
Strict Account Settings क्या है?
यह एक स्पेशल सिक्योरिटी मोड है, जिसे कुछ ही टैप में ऑन किया जा सकता है। इसे आप मोबाइल ऐप में Settings > Privacy > Advanced में जाकर एक्टिव कर सकते हैं। Meta के अनुसार, यह फीचर धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, कंपनी कहती है कि ज्यादातर लोगों को इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। यह उन यूजर्स के लिए है जो टारगेटेड डिजिटल खतरों का सामना कर सकते हैं।
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फीचर ऑन करने पर क्या बदलाव होते हैं?
Strict Account Settings चालू करते ही WhatsApp कई चीजों को अपने आप सबसे सुरक्षित स्तर पर सेट कर देता है।
- अनजान लोगों से आने वाले फोटो, वीडियो और फाइल अटैचमेंट ब्लॉक हो जाते हैं
- कॉन्टैक्ट लिस्ट से बाहर के लोगों की कॉल साइलेंट हो जाती हैं
- संदिग्ध लिंक से बचाने के लिए लिंक प्रीव्यू बंद हो जाते हैं
- अनजान अकाउंट से बड़ी संख्या में आने वाले मैसेज ऑटोमैटिक लिमिट हो जाते हैं
- Two-step verification अपने आप ऑन हो जाता है
- Security notifications चालू और लॉक रहती हैं
- प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और About जैसी जानकारी सिर्फ कॉन्टैक्ट्स या चुने हुए लोगों को ही दिखती है
- ग्रुप इनवाइट केवल जाने-पहचाने लोगों तक सीमित हो जाते हैं
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साइबर हमलों से बचाव की बड़ी रणनीति
Meta का कहना है कि यह फीचर WhatsApp के attack surface को कम करता है। अनजान लोगों के साथ चैट पर अतिरिक्त सीमाएं लगता है और यूजर्स को end-to-end encrypted बैकअप इस्तेमाल करने की सलाह देता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस मोड को WhatsApp Web से कंट्रोल नहीं किया जा सकता। इसे सिर्फ आपके मुख्य मोबाइल डिवाइस से ही ऑन या ऑफ किया जा सकता है।
टेक्नोलॉजी में भी बड़ा बदलाव
Meta ने बताया कि वह WhatsApp के मीडिया सिस्टम में अब बड़े स्तर पर Rust प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल कर रहा है। Rust एक memory-safe लैंग्वेज है, जो उन कमजोरियों को कम करती है जिनका फायदा स्पायवेयर उठाते हैं। कंपनी की यह पूरी पहल defense-in-depth रणनीति का हिस्सा है।
