iPhone यूजर्स अलर्ट हों? Apple-Google पार्टनरशिप में छुपा है ये बड़ा सवाल…

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January 27, 2026

Apple Siri: Siri अब वैसी नहीं रहने वाली, जैसी अब तक थी। Apple और Google की ऐतिहासिक AI साझेदारी से iPhone यूजर्स का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। कही जा रही है कि Gemini AI की ताकत मिलने के बाद Siri पहले से ज्यादा स्मार्ट, इंसानों की भावनाओं को समझने और बेहतर संवाद करने में भी सक्षम बनेगी। लेकिन इसी के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है क्या इस डील के बाद यूजर्स का निजी डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा या Google तक पहुंचेगा?  तो आइए इसके बारे में पूरे विस्तार से बताते हैं।

Apple-Google डील से बदलेगी Siri, लेकिन क्या iPhone यूजर्स का डेटा रहेगा सुरक्षित? तो आइए जानतें हैं इसके बारे में विस्तार से

तकनीक Google की, कंट्रोल Apple का

इस पार्टनरशिप में Google केवल Gemini का तकनीकी ढांचा उपलब्ध कराएगा। इसके बाद Siri को किस तरह काम करना है, कैसे जवाब देने हैं और किस टोन में बात करनी है। इन सभी चीजों पर पूरा कंट्रोल Apple के हाथ में रहेगा। यूजर को मिलने वाला अनुभव पूरी तरह Apple का होगा, न कि Google का।

क्या iPhone यूजर्स का डेटा होगा शेयर?

सबसे महत्वपूर्ण, सवाल यही है कि क्या iPhone यूजर्स का डेटा Google तक पहुंचेगा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Gemini आधारित Siri के सभी फीचर्स या तो डिवाइस पर चलेंगे या Apple के Private Cloud Compute पर। इसका मतलब है कि यूजर का पर्सनल डेटा Apple की सीमा से बाहर नहीं जाएगा।

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इंटरफेस पर नहीं दिखेगा Google का नाम

सबसे बड़ी बात यह है कि Siri के इंटरफेस में कहीं भी Google या Gemini का नाम दिखाई नहीं देगा। यूजर को ऐसा महसूस होगा मानो यह पूरी तरह Apple की खुद की AI तकनीक हो। Bloomberg और The Information की रिपोर्ट्स भी इसी दावे की पुष्टि करती हैं।

Web लिंक नहीं, सीधे जवाब

अब तक Siri की सबसे बड़ी कमी यह थी कि वह कई सवालों के जवाब देने के बजाय वेब लिंक दिखा देती थी। लेकिन अब वो बात नहीं रही। अब Gemini की मदद से Siri अ सीधे, स्पष्ट और संदर्भ के हिसाब से जवाब देने में सक्षम होगी। Apple इसे सिर्फ वॉयस असिस्टेंट नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद AI साथी के रूप में विकसित करना चाहता है।

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भावनात्मक समझ पर भी जोर

अब Siri सहानुभूति दिखाते हुए बातचीत करेगी, वास्तविक सहायता की दिशा भी सुझाएगी। इसके अलावे तकनीकी तौर पर Siri की सबसे बड़ी समस्या उसका दो अलग-अलग सिस्टम पर आधारित होना रहा है। Apple अब इस जटिलता को खत्म कर एकीकृत AI सिस्टम पर काम कर रहा है, जिससे Siri ज्यादा स्थिर और स्मार्ट बन सके।

फीचर्स होंगे चरणबद्ध लॉन्च

Apple इन AI फीचर्स को एक साथ लॉन्च करने के बजाय धीरे-धीरे रोलआउट करेगा। शुरुआती अपडेट मार्च-अप्रैल में आ सकते हैं, जबकि ज्यादा एडवांस फीचर्स की झलक जून में होने वाले WWDC में देखने को मिल सकती है।

Apple-Google डील से Siri जरूर बदलेगी, लेकिन Apple की प्राइवेसी नीति वही रहेगी। यूजर का डेटा, यूजर के ही कंट्रोल में।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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