Elon Musk – Ryanair CEO controversy: एलन मस्क और विवाद, दोनों का नाता दिन- प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। मस्क हर दिन किसी न किसी विवाद उलझते हुए नजर आ रहे हैं। अब ताजा विवाद इन फ्लाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर देखने को मिल रही है। दुनिया के सबसे चर्चित टेक अरबपति Elon Musk और यूरोप की बड़ी एयरलाइंस Ryanair के CEO Michael O’Leary के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे के लिए सार्वजनिक रूप से इडियट जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। यह विवाद अब सिर्फ WiFi तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एविएशन और Satellite Internet इंडस्ट्री की दिशा पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
इन-फ्लाइट इंटरनेट को लेकर मस्क और एयरलाइंस CEO आमने-सामने। Starlink WiFi पर क्यों भड़के Ryanair के CEO? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
क्या है पूरा विवाद?
मामला Starlink की इन-फ्लाइट WiFi सर्विस से जुड़ा है। Starlink का दावा है कि उसकी सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सेवा फ्लाइट के दौरान यात्रियों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी दे सकती है। वहीं Ryanair के CEO ने इस तकनीक की लागत और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। इसी बहस के दौरान सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी तेज हो गई और बात व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गई।
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Elon Musk बनाम Ryanair CEO बयान
Ryanair के CEO ने Starlink की सर्विस को लेकर कहा कि यह एयरलाइंस के लिए प्रैक्टिकल नहीं है और इसकी कीमत जरूरत से ज्यादा है। इस पर Elon Musk ने पलटवार करते हुए उनके इस बयान को गलत और भ्रामक बताया। जवाबी हमले में दोनों तरफ से तीखे शब्द इस्तेमाल हुए, जिसने इस टेक-एविएशन बहस को ग्लोबल सुर्खियों में ला दिया।
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Starlink क्यों है एयरलाइंस के लिए महत्वपूर्ण?
बता दें कि Starlink की इन-फ्लाइट WiFi सर्विस पारंपरिक एयर-टू-ग्राउंड सिस्टम से अलग है। यह लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स के जरिए काम करती है। जिससे फ्लाइट के दौरान तेज और स्थिर इंटरनेट मिलने का दावा किया जाता है। कई इंटरनेशनल एयरलाइंस पहले ही इस टेक्नोलॉजी को अपनाने में रुचि दिखा चुकी हैं। लेकिन लागत और इंस्टॉलेशन को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
एयरलाइंस इंडस्ट्री में बढ़ता टेक टकराव
यह विवाद सिर्फ दो लोगों के बीच की बहस नहीं है। दरअसल, यह दर्शाता है कि एयरलाइंस कंपनियां अब टेक्नोलॉजी पार्टनर्स चुनने में ज्यादा सतर्क हो गई हैं। जहां एक ओर यात्रियों की मांग है कि फ्लाइट में जमीन जैसा इंटरनेट मिले, वहीं दूसरी ओर एयरलाइंस लागत और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि Starlink बनाम एयरलाइंस की यह बहस भविष्य की इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी को प्रभावित कर सकती है।
