ChatGPT vs Google Translate: अनुवाद की दुनिया में अब सिर्फ शब्द नहीं, समझ भी बदलने की शुरूआत हो चुकी है। Google Translate की बादशाहत को चुनौती देने के लिए OpenAI ने चुपचाप ChatGPT Translate मैदान में उतार दिया है। यह एक ऐसा AI-आधारित टूल, जो सिर्फ भाषा नहीं टोन, संदर्भ और ऑडियंस के हिसाब से टेक्स्ट को ढालने का दावा भी करता है। हालांकि मुकाबला अभी लंबा है, लेकिन यह एंट्री ट्रांसलेशन की जंग को नई दिशा देने वाली जरूर है। जिसका सीधा फायदा यूजर्स को ही होना है।
ChatGPT Translate क्या Google Translate को टक्कर दे पाएगा? जानिए कैसे AI-आधारित अनुवाद टूल भाषा के साथ-साथ टोन और संदर्भ भी बदल रहा है।
अनुवाद के बाद मिलती है AI की ताकत
अनुवाद दिखते ही यूज़र टेक्स्ट का टोन बदल सकता है, उसे आसान बना सकता है या प्रोफेशनल अंदाज़ में दोबारा लिखवा सकता है। यह सुविधा ChatGPT के जेनरेटिव AI से जुड़कर अनुवाद को ज्यादा स्मार्ट बना देती है। हालांकि इसका इंटरफेस देखने में Google Translate जैसा ही लगता है। फिलहाल यह टूल केवल टेक्स्ट तक सीमित है। न इमेज, न डॉक्युमेंट, न रियल-टाइम बातचीत। फीचर्स की इस कमी के कारण Google Translate अभी भी ज्यादा उपयोगी और व्यापक नजर आता है।
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Google की बढ़त बरकरार
Google Translate आज भी भाषाओं की संख्या, मल्टीमोडल सपोर्ट और लाइव ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स में काफी आगे है। Gemini AI के साथ इसके नए अपग्रेड्स इसे और मजबूत बना रहे हैं। ChatGPT Translate फिलहाल, किसी इमेज को जोड़ने का विकल्प नहीं दिखता है। यह अभी केवल डेस्कटॉप पर साधारण टेक्स्ट तक ही सीमित है। मोबाइल ब्राउजर या माइक्रोफोन के जरिए बोलकर अनुवाद की जा सकती है। जहां Google Translate सटीकता और स्पीड पर जोर देता है। वहीं ChatGPT Translate अनुवाद को संदर्भ और ऑडियंस के अनुसार ढालने पर फोकस करता है। इसमें Auto Language Detection की सुविधा है। यही फर्क भविष्य में बड़ा असर डाल सकता है।
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फिलहाल शुरुआत, लेकिन बड़ा इशारा
ChatGPT Translate भले ही अभी शुरुआती दौर में हो, लेकिन यह संकेत देता है कि आने वाले समय में अनुवाद टूल शब्द के साथ सही अंदाज़ प्रोपर देना शुरु करेगा तो हो सकता है गुगल के लिए चुनौती बन जाए।
