गूगल का Nano Banana टूल जल्द Google Lens में आएगा

5 mins read
488 views
गूगल का Nano Banana टूल जल्द Google Lens में आएगा
October 9, 2025

Google Nano Banana: गूगल अपने AI-समर्थित इमेज एडिटिंग टूल, Nano Banana, को और अधिक प्लेटफार्मों तक विस्तार देने की योजना बना रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ऐप के नवीनतम संस्करण में मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि कंपनी जल्द ही Gemini AI आधारित Nano Banana टूल को Google Lens और Circle to Search में इंटीग्रेट कर सकती है। इससे यूज़र्स सीधे Lens या Circle to Search के माध्यम से अपनी तस्वीरों को Nano Banana में भेजकर एडिट या नई इमेज क्रिएट कर पाएंगे।

Google अपने AI Nano Banana टूल को Google Lens और Circle to Search में लाने की तैयारी कर रहा है। नया फीचर इमेज एडिटिंग को आसान और मजेदार बनाएगा।

Read More: ByteDance का Seedream 4.0 लॉन्च, Google के Nano Banana को सीधी टक्कर

रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल ऐप के वर्ज़न 16.40.18.sa.arm64 में कुछ इंटरफेस बदलाव नजर आए हैं। Google Lens में वर्तमान में जो फ्लोटिंग मेन्यू है, जिसमें “Search” और “Translate” विकल्प हैं, वहां जल्द ही एक तीसरा विकल्प “Create” जुड़ सकता है, जिसमें Gemini Nano Banana का आइकन होगा। इसे सेलेक्ट करने पर स्क्रीन पर “capture, create, and share” का स्वागत एनिमेशन दिखाई देगा। यूज़र्स यहां टेक्स्ट इनपुट करके अपनी इमेज में Nano Banana से एडिट्स करवा सकते हैं। इसके अलावा, “+” आइकन की मदद से अतिरिक्त इमेज अपलोड करके उन्हें जोड़कर एडिट भी किया जा सकता है।

इसी तरह, Circle to Search इंटरफेस में भी “Create” बटन देखा गया है, लेकिन यह अभी पूरी तरह से कार्यात्मक नहीं है। इससे संकेत मिलता है कि गूगल इस फीचर पर अभी काम कर रहा है।

Nano Banana, Gemini 2.5 Flash Image मॉडल पर आधारित AI टूल है। यह यूज़र्स को टेक्स्ट डिस्क्रिप्शन से नई इमेज बनाने, मौजूदा फोटो एडिट करने, कई इमेज को ब्लेंड करने और विज़ुअल एलिमेंट्स जैसे लोग, ऑब्जेक्ट्स या पालतू जानवरों को लगातार बनाए रखने की सुविधा देता है। हाल ही में, गूगल ने Nano Banana को मल्टीपल आस्पेक्ट रेशियो सपोर्ट के साथ अपडेट किया है। यह अब Landscape (21:9, 16:9, 4:3, 3:2), Square (1:1), Portrait (9:16, 3:4, 2:3), और Flexible (5:4, 4:5) फॉर्मैट्स सपोर्ट करता है।

Read More: क्या है Nano Banana ट्रेंड? यहां जानें कैसे खुद का बनाएं मिनी टॉय मॉडल

इस इंटीग्रेशन से गूगल के यूज़र्स अब और आसानी से क्रिएटिव कंटेंट बना सकेंगे और AI एडिटिंग के अनुभव का लाभ उठा पाएंगे। Nano Banana गूगल का एक ऐसा टूल है, जो इमेज एडिटिंग और क्रिएशन में नए मापदंड स्थापित कर रहा है।

Riya Gupta

मीडिया जगत में अपने पाँच साल के सफ़र के दौरान, मैंने कंटेंट क्रिएशन, मीडिया एनालिसिस और वीडियो स्क्रिप्ट राइटिंग में हाथ आजमाया है। रिसर्च के साथ-साथ, मैंने सरकारी परियोजनाओं में भी अपना योगदान दिया है। मेरी विशेषता नई चीज़ों को तेजी से अपनाना और चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में एक्सीलेंस हासिल करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Cardano (ADA) कीमत: बाजार कमजोरी के बावजूद 2020 पैटर्न दोबारा आ सकता है
Previous Story

Cardano (ADA) कीमत: बाजार कमजोरी के बावजूद 2020 पैटर्न दोबारा आ सकता है

BNB Chain पर Meme Coin रैली: कुछ निवेशकों को भारी फायदा, कुछ को नुकसान
Next Story

BNB Chain पर Meme Coin रैली: कुछ निवेशकों को भारी फायदा, कुछ को नुकसान

Latest from Tech News

Snapdragon को सीधी चुनौती

Snapdragon को सीधी चुनौती! MediaTek Dimensity 9500s ने मचाया तहलका!

MediaTek Dimensity 9500s: MediaTek ने अपने टॉप सेगमेंट को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढा दिया है। कंपनी ने Dimensity 9500s पेश किया है। यह चिप कंपनी के पहले से मौजूद Dimensity 9500 का अपग्रेड है। यह उन स्मार्टफोन्स ते लिए
NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ

NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ वार! AI चिप्स पर लगाया 25% टैक्स!

US chip tariff 25 percent: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन्नत कंप्यूटिंग चिप्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आधिकारिक आदेश
technology

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 
chinese app

क्या आप जिंदा हैं? हर 48 घंटे में आपसे पूछेगा ये App

Are You Alive App: जरा सोचिए… आपका फोन हर दो दिन में आपसे सिर्फ एक सवाल पूछे ‘क्या आप जिंदा हैं? और अगर आप जवाब नहीं देते, तो आपके परिवार या दोस्तों को अलर्ट भेजा जाता है।  यह सुनने में जरा अजीब लगता है, लेकिन चीन में लाखों लोग Are You Dead? ऐप डाउनलोड कर रहे हैं, जो बिल्कुल यही करता है।  Are You Dead?ऐप चीन में लोकप्रिय, अकेले रहने वालों के लिए डिजिटल सुरक्षा का तरीका, जो याद दिलाता है कि आप जिंदा हैं।  ऐप का तरीका आसान और सीधा  Are You Dead? ऐप बहुत आसान है। इसमें कोई चैट, प्रोफाइल या सोशल फीड नहीं है। बस एक बड़ा बटन है जिस पर लिखा है I’m Alive। हर 48 घंटे में यूजर्स को इस पर टैप करना होता है। अगर कोई लगातार दो बार चेक इन करना भूल जाता है, तो ऐप प्री सेलेक्टेड इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को मैसेज भेज देता है। यह मैसेज आपके जानकार को चेतावनी देता है कि शायद कुछ गड़बड़ है।  READ MORE: Apple पर लगा टेक्नोलॉजी चोरी का आरोप, जानें पूरा मामला   किन लोगों के लिए है यह ऐप  यह ऐप खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अकेले रहते हैं, बड़े शहरों में काम करते हैं या जिनके बच्चे किसी दूसरे शहर में रहते हैं। ऐसे जीवन में कभी–कभी कोई नहीं जान पाता कि कुछ गलत हुआ है। यह ऐप डिजिटल सुरक्षा की एक छोटी चाबी की तरह काम करता है।   विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता और हल्कापन है। यह ध्यान नहीं खींचता, किसी सोशल ऐप की तरह उलझाता नहीं, लेकिन जब जरूरत होती है, तो यह आपके लिए बोलता है।  READ MORE: Nvidia ने Groq की AI चिप टेक्नोलॉजी ली लाइसेंस पर  आधुनिक जीवन और अकेलेपन की कहानी  Are

Don't Miss