गजब़ का फीचर, एक कॉल… और आपकी लोकेशन सीधा पुलिस-एंबुलेंस तक!

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गजब़ का फीचर, एक कॉल… और आपकी लोकेशन सीधा पुलिस-एंबुलेंस तक!
December 24, 2025

Google ELS: Smartphone अब सिर्फ बातचीत या मनोरंजन का ज़रिया नहीं रह गया है। यह आपकी सुरक्षा का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। इसी दिशा में Google ने भारत में Android यूजर्स के लिए Emergency Location Service को लॉन्च किया है। यह फीचर आपात स्थिति में मदद पहुंचाने की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा तेज़ और सटीक बनाने का दावा करता है। तो आइए जानते हैं इस फीचर की खासियत।

जब बोलना मुश्किल हो, तब भी पहुंचेगी मदद! Google नया फीचर इमरजेंसी कॉल पर आपकी सटीक लोकेशन शेयर कर जान बचाने में मदद करेगा। जानिए कैसे।

जब बोलना मुश्किल हो, तब भी मदद पहुंचे

कई बार दुर्घटना, बीमारी या किसी खतरे की स्थिति में व्यक्ति अपनी लोकेशन ठीक से बता नहीं पाता। ELS इसी समस्या को हल करता है। जैसे ही कोई Android यूजर इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल या मैसेज करता है, यह सिस्टम अपने आप फोन की सटीक लोकेशन इमरजेंसी सर्विस तक पहुंचा देता है। इससे पुलिस, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में कम समय लगता है।

उत्तर प्रदेश बना देश का पहला राज्य

भारत में इस सर्विस को सबसे पहले अपनाने की शुरुआत उत्तर प्रदेश से हुई है। यूपी ऐसा पहला राज्य है जिसने Android के इस फीचर को अपने इमरजेंसी सिस्टम के साथ पूरी तरह जोड़ दिया है। राज्य पुलिस ने पर्ट टेलीकॉम सॉल्यूशंस के साथ मिलकर ELS को इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 से इंटीग्रेट किया है। जिससे वास्तविक समय में लोकेशन मिलना संभव हो सका है।

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कैसे काम करता है यह सिस्टम?

Emergency Location Service यूजर की लोकेशन पता करने के लिए सिर्फ GPS पर निर्भर नहीं रहती। यह GPS, Wi-Fi और मोबाइल नेटवर्क तीनों से डेटा लेकर लोकेशन तय करती है। Google के मुताबिक, यह फीचर करीब 50 मीटर तक की सटीकता के साथ यूजर की स्थिति बता सकता है, जो किसी भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए काफी अहम है।

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किन फोन में मिलेगा यह फीचर ?

यह सुविधा उन Android स्मार्टफोन्स पर काम करती है जिनमें Android  या उससे नया वर्जन मौजूद है। अच्छी बात यह है कि यूजर को इसके लिए अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने या पैसे देने की जरूरत नहीं है। यह एक फ्री सेफ्टी फीचर है, जो सिर्फ इमरजेंसी कॉल के समय ही एक्टिव होता है। Google का कहना है कि ELS केवल तभी लोकेशन भेजता है जब यूजर इमरजेंसी नंबर डायल करता है। सामान्य कॉल या रोज़मर्रा के इस्तेमाल के दौरान यह फीचर किसी भी तरह से आपकी लोकेशन ट्रैक नहीं करता।

आगे और राज्यों में मिलेगी सुविधा

आने वाले समय में अन्य राज्य भी अपने इमरजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर को ELS के साथ जोड़ेंगे। ऐसा होने पर देशभर में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और ज्यादा मजबूत, तेज़ और भरोसेमंद बन सकता है। यानी Google ELS उन फीचर्स में से है जो तकनीक को सीधे आम लोगों की सुरक्षा से जोड़ती है। सही समय पर सही जगह मदद पहुंचाना ही इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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