AI फोटो को ऐसे पहचानें, ये तरीके आएंगे काम

7 mins read
2.8K views
AI Photo
December 12, 2024

क्या आप असली और AI फोटो में अंतर नहीं कर पाते? क्या आप AI फोटो देखकर भ्रमित हो जाते हैं? तो यहां उन्हें पहचानने के लिए कुछ टिप्स और ट्रिक्स दिए गए हैं।

AI Photo: आजलकर AI की हेल्प से मिनटों में कोई भी तस्वीर या वीडियो बना सकते हैं। ये तस्वीरें या वीडियो इतनी असली लगती हैं कि कोई भी इसे एक बार में नहीं पहचान पाएगा। आपने पहले भी सुना होगा कि इन्हीं AI इमेज और वीडियो के कारण कई सेलेब्स को बदनाम किया गया है। कई बार इन्हीं तस्वीरों के बीच लोग अंतर नहीं कर पाते हैं। यही वजह है कि आज हम आपके लिए ऐसे टिप्स और ट्रिक्स लेकर आए हैं, जिनकी मदद से असली और AI फोटो में फर्क किया जा सकता है।

इन टिप्स की मदद से पहचानें असली-नकली फोटो

AI द्वारा बनाई गई तस्वीरों में बहुत छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिन्हें ध्यान से देखने पर पकड़ता है। ध्यान से देखने पर आपको पता चलेगा कि AI से बनाई गई तस्वीरों में आंख, दांत, नाक और बाल जैसी चीजों का आकार या आकृति अजीब होती है। कई बार AI इमेज में उंगलियों या हाथों को भी बड़ा बना दिया जाता है। AI तस्वीरों में इनके ऊपर ध्यान नहीं दिया जाता है, बस उन्हें आकृषित बनाने पर ध्यान दिया जाता है।

बैकग्राउंड पर ध्यान दें

आप AI तस्वीरों में अतंर करने के लिए बैकग्राउंड को भी ध्यान से देखें। ज्यादातर AI फोटो में बैकग्राउंड धुंधला होता है और छोटी-छोटी चीजें साफ नहीं दिखाई देती हैं। असली फोटो में फोकस पॉइंट के साथ-साथ दूसरी चीजें भी साफ दिखाई देती हैं। कई बार AI इमेज के बैकग्राउंड में ऐसी चीजें भी दिखाई देती हैं, जो असली और नकली की पहचान बताती हैं।

लाइट और कलर्स पर दें ध्यान

AI तस्वीरों में उसकी लाइट और कलर्स को देखकर भी पहचाना जा सकता है। AI द्वारा बनाई गई तस्वीरें बहुत फिल्मी लगती हैं, उनमें ज्यादातर डार्क लाइट और रंग होते हैं, जो आम तस्वीरों में कम ही देखने को मिलते हैं।

टेक्स्ट पर ध्यान दें

AI फोटो पर कोई टेक्स्ट लिखा है तो उस पर जरूर ध्यान दें क्योंकि AI द्वारा बनाई गई ज्यादातर फोटो में टेक्स्ट फैला हुआ होता है और शब्द सही तरीके से नहीं लिखे होते। साथ ही AI टूल कई बार वाक्य बनाने में भी गलती कर देता है।

इन टूल्स से भी कर सकते हैं पहचान

Google Lens: असली और नकली फोटो में पहचान करने के लिए आप Google Lens की हेल्प ले सकते हैं। इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि फोटो पहले कहीं इस्तेमाल हुई है या नहीं।

AI image detector tools: इंटरनेट पर कई इमेज डिटेक्टर टूल उपलब्ध हैं, जिनमें हाइव मॉडरेशन, ऑप्टिक AI ऑर नॉट और मेबी का AI आर्ट डिटेक्टर शामिल हैं।

Google AI Tool Board: असली-नकली फोटो की पहचान करने के लिए गूगल के AI टूल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले फोटो को गूगल के चैटबॉट पर अपलोड करें और सवाल भी पूछें। इसके बाद गूगल का चैटबॉट आपको फोटो से जुड़ी सारी जानकारी बता देगा। इस AI टूल की मदद से आप पता लगा सकते हैं कि फोटो AI द्वारा बनाई गई है या नहीं।

इन टिप्स और ट्रिक्स का इस्तेमाल करके आप भी असली और नकली AI द्वारा बनाई गई तस्वीरों में अंतर कर सकते हैं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Elon Musk
Previous Story

Elon Musk बनें दुनिया के पहले अरबपति, 400 अरब डॉलर के पार हुई संपत्ति

crypto venture
Next Story

ट्रंप के क्रिप्टो वेंचर पर लगा आंतकवादियों के साथ टाई-अप का आरोप

Latest from Artificial Intelligence

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss