Apple का नया दांव, महंगा iPhone घटाएगा बिक्री, नहीं कमाई

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September 10, 2026

iPhone Price Hike : iPhone Duo को 2 लाख से ज्यादा की कीमत पर उतारकर Apple ने इसी रणनीति पर बड़ा दांव लगाया है। वहीं, iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत भी पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है। अभी भारत का स्मार्टफोन बाजार दबाव में है। इस साल कुल बाजार में 15% से ज्यादा गिरावट का अनुमान है। इसके बावजूद Apple की स्थिति अलग है। कंपनी के लिए अब सिर्फ कितने iPhone बिके, यह मायने नहीं रखता। हर फोन से कितनी कमाई हुई, यह ज्यादा अहम हो गया है।

iPhone Duo की कीमत ने सबको चौंकाया, जानें Apple भारत में महंगे iPhone बेचकर कैसे बढ़ा रहा है कमाई।

iPhone Duo की कीमत ने Apple की रणनीति साफ की

Apple ने भारत में अपना पहला फोल्डेबल iPhone Duo 2 लाख से ज्यादा में लॉन्च किया है। यह कीमत सामान्य प्रीमियम स्मार्टफोन से काफी ऊपर है। कंपनी ने iPhone 18 Pro को 1 लाख से ज्यादा और iPhone 18 Pro Max को 1 लाख से ज्यादा की शुरुआती कीमत पर रखा है। ऐसे समय में जब ग्राहक महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स पर खर्च करने से पहले सोच रहे हैं, इतनी ऊंची कीमत बड़ा सवाल खड़ा करती है, लेकिन Apple का मॉडल अलग है। कंपनी भारत के पूरे स्मार्टफोन बाजार में ज्यादा यूनिट बेचने की दौड़ में नहीं है।

IDC के मुताबिक, भारत में Apple का औसत बिक्री मूल्य 800 डॉलर से ज्यादा है। वहीं, पूरे स्मार्टफोन बाजार का औसत करीब 150-250 डॉलर है। यानी Apple कम फोन बेचकर भी बाजार की कुल वैल्यू में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।

Apple के iPhone कम बिकेंगे, फिर भी कमाई बढ़ सकती है

IDC के अनुमान के मुताबिक, भारत में Apple के iPhone शिपमेंट 2025 के 14.3 मिलियन यूनिट से घटकर 2026 में सिंगल डिजिट में कम हो सकते हैं। लेकिन पूरे स्मार्टफोन बाजार की गिरावट इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। IDC को उम्मीद है कि भारत का कुल स्मार्टफोन बाजार 2026 में 15% से ज्यादा सिकुड़कर करीब 125-128 मिलियन यूनिट रह जाएगा। 2025 में यह आंकड़ा 152 मिलियन यूनिट था, यानी Apple के फोन कम बिक सकते हैं, लेकिन कंपनी बाकी बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह महंगे मॉडल हैं।

Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच Apple की भारत में बिक्री 2% सालाना बढ़ी। इसी दौरान Pro सीरीज की बिक्री 32% बढ़ी। Counterpoint को पूरे 2026 में Apple की भारत में यूनिट बिक्री में सिर्फ लो सिंगल डिजिट गिरावट की उम्मीद है। वहीं कंपनी का राजस्व 6-7% बढ़ सकता है।

Pro मॉडल बढ़ा रहे Apple का औसत बिक्री मूल्य

Apple के लिए सबसे बड़ा बदलाव ग्राहकों की पसंद में दिख रहा है। लोग सिर्फ नया iPhone लेने के बजाय महंगे Pro मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं। Counterpoint का अनुमान है कि 2026 के अंत तक Apple की कुल बिक्री में Pro मॉडल की हिस्सेदारी करीब 15% हो सकती है। 2025 में यह हिस्सेदारी 11% थी। इसका सीधा असर कंपनी के औसत बिक्री मूल्य यानी ASP पर पड़ता है। अगर ग्राहक कम संख्या में फोन खरीदें, लेकिन ज्यादा महंगे मॉडल चुनें, तो कुल कमाई फिर भी बढ़ सकती है।

आर्थिक दबाव में आमतौर पर सबसे पहले फोन की बिक्री घटती है। ग्राहक पुराने फोन ज्यादा समय तक चलाते हैं। नया फोन खरीदने का फैसला टालते हैं। लेकिन प्रीमियम ग्राहक हमेशा इसी तरह व्यवहार नहीं करते। भारत में Apple ने iPhone को सिर्फ फोन नहीं, बल्कि प्रीमियम लाइफस्टाइल प्रोडक्ट के तौर पर मजबूत किया है। EMI, एक्सचेंज ऑफर और दूसरे विकल्प महंगे फोन की शुरुआती कीमत का बोझ भी कम करते हैं।

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iPhone Duo बनेगा Apple का ‘हेलो प्रोडक्ट’

2.99 लाख का iPhone Duo शायद लाखों यूनिट बेचने के लिए नहीं बनाया गया है। CMR India के वाइस प्रेसिडेंट प्रभु राम ने इसे मौजूदा अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट के ऊपर का ‘Uber-Premium’ स्तर बताया है। ऐसे फोन को ‘हेलो प्रोडक्ट’ कहा जाता है। इसका काम सिर्फ ज्यादा यूनिट बेचना नहीं होता। यह पूरे ब्रांड की प्रीमियम छवि मजबूत करता है और कंपनी के औसत बिक्री मूल्य को ऊपर ले जा सकता है। भारत में फोल्डेबल फोन का बाजार अभी छोटा है। IDC के मुताबिक, 2025 में भारत में करीब 6,26,000 फोल्डेबल स्मार्टफोन भेजे गए।

2026 में इस कैटेगरी की बिक्री 25% से ज्यादा बढ़ सकती है। फिर भी कुल स्मार्टफोन बाजार में इसकी हिस्सेदारी छोटी रहेगी। शुरुआत में Duo की मांग Apple के पुराने ग्राहकों और नई तकनीक जल्दी अपनाने वाले खरीदारों से आने की उम्मीद है। यानी Apple के लिए इसका फायदा वॉल्यूम से ज्यादा वैल्यू में दिख सकता है।

iPhone Duo इतना महंगा क्यों है?

Duo की कीमत सिर्फ Apple के मार्जिन से तय नहीं होती। फिलहाल यह फोन भारत में आयात किया जा रहा है। इसलिए इंपोर्ट ड्यूटी, GST और रुपये की कमजोरी का सीधा असर कीमत पर पड़ता है। तरुण पाठक के अनुमान के मुताबिक, इन वजहों का कुल असर 40% से ज्यादा हो सकता है। इसमें 17% इंपोर्ट ड्यूटी, 18% GST और कमजोर रुपये का असर शामिल है। CMR के प्रभु राम के मुताबिक, मेमोरी की बढ़ती लागत, रुपये में गिरावट, कस्टम ड्यूटी, स्थानीय टैक्स और बिक्री चैनल का मार्जिन भी कीमत बढ़ाते हैं इसलिए 2 लाख से ज्यादा की पूरी कीमत को Apple का अतिरिक्त मुनाफा मानना सही नहीं होगा। लेकिन इससे यह जरूर साफ होता है कि कंपनी भारत में प्रीमियम सेगमेंट की ऊपरी सीमा को लगातार बढ़ा रही है।

iPhone 18 Pro की कीमत भी बढ़ी, बेस मॉडल की रणनीति बदली

CMR के अनुसार, iPhone 18 Pro लाइनअप पिछली पीढ़ी के मुकाबले करीब 20-22% महंगा हो सकता है। इसके पीछे महंगे कंपोनेंट और दूसरी लागतों का दबाव है। Apple के iPhone पोर्टफोलियो में एक और बदलाव दिख रहा है। पहले नए बेस iPhone के साथ Pro मॉडल आते थे। अब रिपोर्ट के मुताबिक बेस iPhone 18 को मार्च तिमाही में लाया जा सकता है। इस बीच iPhone 17 ज्यादा कीमत पर पोर्टफोलियो में बना रहेगा। इससे ग्राहकों के पास नए iPhone में कम कीमत पर जाने के विकल्प घट सकते हैं। लॉन्च के समय सबसे नया हार्डवेयर चाहिए तो Pro मॉडल की तरफ जाना पड़ेगा। इस रणनीति से Apple का औसत बिक्री मूल्य और बढ़ सकता है, भले ही कुल यूनिट बिक्री कमजोर रहे।

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महंगे iPhone की बिक्री में एक्सचेंज और EMI अहम होंगे

Apple के लिए कीमत बढ़ाना आसान है, लेकिन उसे लंबे समय तक ग्राहक स्वीकार करेंगे, यह तय नहीं है। भारत अब भी कीमत को लेकर संवेदनशील बाजार है। मौजूदा स्मार्टफोन मंदी इसका संकेत दे रही है। ऐसे में एक्सचेंज, EMI और फेस्टिव सीजन के ऑफर अहम हो जाएंगे। पुराने iPhone को सेकेंडरी मार्केट में भेजकर ग्राहक नए मॉडल की कीमत का बोझ कम कर सकते हैं। Counterpoint को रिफर्बिश्ड iPhone की मांग बढ़ने की भी उम्मीद है। ज्यादा ट्रेड-इन से पुराने फोन दोबारा बाजार में आएंगे। इससे Apple का प्रीमियम मॉडल बना रहेगा और ग्राहकों को कम कीमत में पुराने iPhone का विकल्प भी मिलता रहेगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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