Gold Buying Tips: धनतेरस पर सोना खरीदने जा रहे हैं? तो सिर्फ सोने का भाव पूछकर ज्वेलरी न खरीदें। आपके बिल में शामिल मेकिंग चार्ज आपकी जेब पर हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। ज्वेलर्स इस चार्ज को कभी प्रति ग्राम तो कभी सोने की कीमत के प्रतिशत के हिसाब से वसूलते हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले इसका गणित समझना जरूरी है। सही तरीका अपनाकर आप एक ही जूलरी पर 2,400 तक बचा सकते हैं।
धनतेरस पर सोने की ज्वेलरी खरीदने से पहले जान लें मेकिंग चार्ज का गणित, ऐसे बचा सकते हैं 2,400
क्या होता है मेकिंग चार्ज, जूलरी के बिल में क्यों जुड़ता है?
मेकिंग चार्ज यानी सोने की जूलरी बनाने की मजदूरी और डिजाइन की लागत। ज्वेलर गहने बनाने में लगी कारीगरी के बदले यह पैसा लेता है।
हर दुकान पर इसका तरीका और दर अलग हो सकती है। कुछ ज्वेलर्स प्रति ग्राम फिक्स रकम लेते हैं, जबकि कुछ सोने की कुल कीमत का एक तय प्रतिशत जोड़ते हैं। इसलिए सिर्फ 22 या 24 कैरेट का भाव पूछना काफी नहीं है। आपको मेकिंग चार्ज का तरीका और पूरी रकम भी जाननी चाहिए।
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फिक्स चार्ज और प्रतिशत वाले मेकिंग चार्ज में कितना अंतर?
मान लीजिए आप 8 ग्राम की ज्वेलरी खरीद रहे हैं। सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 50,000 है। इस हिसाब से 8 ग्राम सोने की कीमत 40,000 होगी।
अब दोनों तरीकों से खर्च समझिए।
| खर्च का हिसाब | फिक्स चार्ज | 12% चार्ज |
| सोने की कीमत | 40,000 | 40,000 |
| मेकिंग चार्ज | 2,400 | 4,800 |
| कुल रकम | 42,400 | 44,800 |
पहले तरीके में ज्वेलर 300 प्रति ग्राम लेता है। यानी 8 ग्राम पर 2,400 मेकिंग चार्ज लगेगा। दूसरे तरीके में सोने की कीमत पर 12% चार्ज लगेगा। यानी आपको 4,800 देने होंगे। दोनों में अंतर 2,400 का है। यही वजह है कि खरीदारी से पहले पूरा हिसाब करना जरूरी है।
मेकिंग चार्ज कम करने के लिए अपनाएं ये 5 तरीके
धनतेरस और दिवाली पर जूलरी खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखकर खर्च कम कर सकते हैं।
- दो-तीन दुकानों पर भाव पूछें: एक ही वजन और डिजाइन की जूलरी के मेकिंग चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदने से पहले तुलना करें।
- फिक्स और प्रतिशत वाले चार्ज का हिसाब लगाएं: सिर्फ चार्ज की दर न पूछें। यह भी जानें कि रकम प्रति ग्राम लगेगी या सोने की कीमत पर प्रतिशत के हिसाब से।
- हल्के और मशीन से बने डिजाइन चुनें: बारीक और भारी कारीगरी वाले गहनों पर मेकिंग चार्ज ज्यादा हो सकता है। साधारण डिजाइन कम खर्च में मिल सकते हैं।
- त्योहारी ऑफर की जांच करें: कई ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज पर छूट देते हैं। लेकिन केवल छूट देखकर फैसला न करें। डिस्काउंट के बाद का पूरा बिल देखें।
- पुराने सोने का पूरा हिसाब मांगें: पुरानी जूलरी बदलते समय सोने की कीमत, कटौती और नए गहने का मेकिंग चार्ज अलग-अलग पूछें।
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ज्वेलरी खरीदने के बाद बिल में जरूर चेक करें ये बातें
पेमेंट करने से पहले बिल ध्यान से पढ़ें। उसमें सोने की शुद्धता, वजन, उस दिन का गोल्ड रेट, मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST की जानकारी होनी चाहिए। अगर गहने में हीरा या दूसरा पत्थर लगा है, तो उसका वजन और कीमत अलग से पूछें। साथ ही BIS हॉलमार्क और 6 अंकों वाला HUID नंबर जरूर जांचें। ज्वेलरी के बिल पर आम तौर पर 3% GST लगता है, इसलिए मेकिंग चार्ज पर छूट मिलने के बाद भी फाइनल रकम जरूर देखें।
