ECC छोड़कर पूर्व Zcash टीम ने पेश किया CashZ वॉलेट

6 mins read
286 views
January 9, 2026

Crypto Wallet Launch: पूर्व Zcash डेवलपर्स अब अपनी नई कंपनी CashZ के तहत काम को relaunch करने जा रहे हैं। यह कदम Zcash प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव है। यह टीम पहले Electric Coin Company में काम करती थी और अब Zashi वॉलेट के कोडबेस का इस्तेमाल करते हुए नया वॉलेट पेश करेगी।

पूर्व Zcash डेवलपर्स ने CashZ वॉलेट लॉन्च करने की घोषणा की। टीम ने ECC से इस्तीफा देकर स्वतंत्र रूप से प्राइवेसी ओरिएंटेड टूल्स पर काम जारी रखने का फैसला किया है।

CashZ का गठन और Ex Zcash डेवलपर्स

8 जनवरी को पूर्व ECC के CEO जोश स्विहार्ट ने CashZ की घोषणा की। यह नई फॉर प्रॉफिट स्टार्टअप उसी टीम द्वारा बनाई गई है जिन्होंने Zashi वॉलेट विकसित किया और हाल ही में प्रोटोकॉल अपग्रेड में योगदान दिया। इससे एक दिन पहले, Zcash डेवलपर्स ने ECC से सामूहिक इस्तीफा दिया है। उनका उद्देश्य स्वतंत्र रूप से प्राइवेसी-ओरिएंटेड टूल्स पर काम जारी रखना था।

टीम ने ECC छोड़ने का कारण Bootstrap बोर्ड द्वारा किए गए गवर्नेंस बदलाव बताए। Swihart ने इसे constructive discharge कहा और बताया कि बोर्ड के बदलावों के कारण डेवलपर्स का काम करना मुश्किल हो गया।

Zcash प्रोटोकॉल और CashZ का भविष्य

डेवलपर्स ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने Zcash को पूरी तरह से नहीं छोड़ा। Zcash का प्रोटोकॉल अभी भी ओपन सोर्स है और टीम Zcash टूल्स पर काम जारी रखेगी। CashZ वॉलेट, Zashi का विस्तार होगा और मौजूदा यूजर्स इसे आसानी से migrate कर पाएंगे। कंपनी ने पब्लिक वेटलिस्ट भी लॉन्च कर दी है, जिससे लॉन्च जल्दी और सुचारू रूप से होगा।

READ MORE: Hong Kong का नया कदम! बीमा कंपनियों को क्रिप्टो में निवेश की अनुमति

संगठनात्मक बदलाव का महत्व

यह विभाजन Zcash और अन्य क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स में गवर्नेंस और संगठन संरचना पर बहस को फिर से शुरू कर रहा है। Swihart के अनुसार, nonprofit मॉडल निर्णय प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं, जबकि स्टार्टअप संरचना तेज और लचीली होती है। टीम ने बताया कि यह केवल स्ट्रक्चरल बदलाव है, मिशन वही है निजी डिजिटल पेमेंट।

READ MORE: क्रिप्टो यूजर्स सावधान! नया MetaMask फिशिंग स्कैम

बाजार पर प्रभाव

इस खबर के बाद निवेशकों में शुरुआती भ्रम देखा गया। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने के कारण ZEC की कीमत में थोड़ी गिरावट आई। बाद में डेवलपर्स ने साफ किया कि Zcash का विकास जारी रहेगा। खबर लिखने तक Zcash 433.12 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, 24 घंटे में 6.73% की गिरावट के साथ, ट्रेडिंग वॉल्यूम 1.41 बिलियन डॉलर और मार्केट कैप लगभग 7.13 बिलियन डॉलर है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Previous Story

Meta को टक्कर देगा Rokid का स्मार्ट चश्मा, दाम भी कम

Apple ने जारी किया Tim Cook का 2025 वेतन
Next Story

Apple ने जारी किया Tim Cook का 2025 वेतन

Latest from Cryptocurrency

Bitcoin 80,000 डॉलर से नीचे, गिरावट के बीच बढ़ी क्रिप्टो उम्मीदें

Bitcoin 80,000 डॉलर से नीचे, गिरावट के बीच बढ़ी क्रिप्टो उम्मीदें

Bitcoin price today India: पिछले 24 घंटों में क्रिप्टोकरेंसी बाजार (Cryptocurrency Market) में हल्का दबाव देखने को मिला। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका से आए महंगाई से जुड़े आंकड़े रहे। अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Price Index) के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहे, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी PPI 6.0% सालाना (YoY) बढ़ा, जबकि बाजार को करीब 4.9% रहने की उम्मीद थी।  क्रिप्टो मार्केट में पिछले 24 घंटों में हल्की गिरावट देखने को मिली, जानिए क्यों Bitcoin 80,000 डॉलर से नीचे आया, Ethereum का क्या हाल रहा?  इन आंकड़ों के बाद निवेशकों को लगा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Central Bank) Federal Reserve जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। इसका असर शेयर बाजार (Stock Market) के साथ-साथ क्रिप्टो बाजार (Crypto News) पर भी पड़ा और निवेशकों ने थोड़ा सतर्क रुख अपनाया। इसी वजह से बीते 24 घंटों में 400 मिलियन डॉलर से ज्यादा की लिक्विडेशन देखने को मिली।  कुल क्रिप्टो मार्केट में आई गिरावट  क्रिप्टो बाजार (Crypto

Don't Miss