Bitcoin-Ethereum में भारी गिरावट, क्रिप्टो बाजार क्यों टूटा?

Bitcoin-Ethereum में भारी गिरावट, क्रिप्टो बाजार क्यों टूटा?

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October 15, 2026

Crypto Market Down Today : क्रिप्टोकरेंसी बाजार में 15 अक्टूबर 2026 को गिरावट देखने को मिली। Bitcoin की कीमत 81,000 डॉलर से नीचे आ गई, जबकि Ethereum में इससे भी ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। अमेरिकी महंगाई के उम्मीद से अधिक रहने वाले आंकड़ों के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ी है। इससे ब्याज दरों में फिर बढ़ोतरी की आशंका तेज हुई और क्रिप्टो समेत दूसरे जोखिम वाले निवेशों पर दबाव पड़ा।

क्रिप्टो बाजार में गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी, Bitcoin 81,000 डॉलर से नीचे फिसला और Ethereum करीब 6% टूटा।

CoinGecko के आंकड़ों के अनुसार, 15 अक्टूबर को सुबह 9:25 बजे UTC तक कुल क्रिप्टो बाजार का मूल्य करीब 3–4% गिरकर 2.7 से 2.8 ट्रिलियन डॉलर के बीच आ गया। Bitcoin करीब 80,800 से 81,300 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा था। पिछले 24 घंटों में इसमें लगभग 2.5–3.5% की गिरावट आई। इससे पहले इसकी कीमत करीब 80,200 डॉलर तक भी पहुंची थी। वहीं, Ethereum करीब 6% गिरकर 2,350 से 2,370 डॉलर के स्तर पर आ गया। बाजार में इस गिरावट के पीछे अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के साथ-साथ क्रिप्टो फ्यूचर्स में बड़े पैमाने पर हुई जबरन बिकवाली भी अहम वजह रही।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी ब्याज दरों की चिंता

इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका में सितंबर की महंगाई के आंकड़े रहे। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) ने 14 अक्टूबर को सितंबर का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) जारी किया। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कुल महंगाई दर मासिक आधार पर 0.6% बढ़ी। सालाना आधार पर यह बढ़कर 3.7% हो गई, जबकि अगस्त में यह 3.4% थी। खाने-पीने की चीजों और ऊर्जा की कीमतों को छोड़कर निकाली जाने वाली कोर महंगाई मासिक आधार पर 0.3% और सालाना आधार पर 2.6% बढ़ी।

सितंबर में ऊर्जा की कीमतों, खासकर पेट्रोल की कीमतों में 9.1% की बढ़ोतरी ने महंगाई को ऊपर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। BLS के अनुसार, कुल मासिक महंगाई में हुई बढ़ोतरी के आधे से ज्यादा हिस्से के लिए ऊर्जा की कीमतें जिम्मेदार थीं। महंगाई के इन आंकड़ों से यह आशंका बढ़ गई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है या उनमें फिर बढ़ोतरी कर सकता है।

फेड के फैसले और डॉलर की मजबूती का असर

अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 16 सितंबर को ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर लक्ष्य दर को 3.75–4.00% कर दिया था। फेड ने अपने बयान में कहा था कि महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर है और उसका लक्ष्य इसे 2% तक लाना है। अक्टूबर में जारी बैठक के मिनट्स के अनुसार, कई अधिकारियों का मानना था कि साल के अंत तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी जरूरी हो सकती है। हालांकि, यह फैसला आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

सितंबर की महंगाई रिपोर्ट के बाद 27–28 अक्टूबर की FOMC बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से जुड़े बाजार के अनुमान तेजी से बढ़े। कुछ अनुमानों में यह संभावना थोड़े समय के लिए करीब 50% तक पहुंच गई। 15 अक्टूबर तक यह घटकर लगभग 20–30% के दायरे में आ गई थी। महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड और डॉलर भी मजबूत हुए। इससे Bitcoin जैसी ऐसी संपत्तियों का आकर्षण घटा, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने भी महंगाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई।

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क्रिप्टो बाजार में करीब 1 अरब डॉलर की पोजिशन बंद

कीमतों में गिरावट के साथ क्रिप्टो डेरिवेटिव बाजार में बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन हुए। लिक्विडेशन तब होता है, जब उधार या लीवरेज लेकर बनाई गई ट्रेडिंग पोजिशन नुकसान बढ़ने के कारण एक्सचेंज द्वारा जबरन बंद कर दी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, 15 अक्टूबर को समाप्त हुए 24 घंटे की अवधि में कुल लिक्विडेशन करीब 900 मिलियन से 1 अरब डॉलर तक पहुंच गए। इनमें लगभग 90–92% हिस्सेदारी लॉन्ग पोजिशन की थी। लॉन्ग पोजिशन लेने वाले ट्रेडर कीमत बढ़ने की उम्मीद करते हैं, इसलिए बाजार गिरने पर उन्हें ज्यादा नुकसान हो सकता है।

Ethereum में लॉन्ग पोजिशन के लिक्विडेशन करीब 265–290 मिलियन डॉलर के बीच रहे। Bitcoin में भी बड़े पैमाने पर पोजिशन बंद हुईं। Binance पर करीब 80,209 डॉलर के स्तर पर Bitcoin की एक बड़ी लॉन्ग पोजिशन बंद होने की खबर सामने आई। Ethereum में पहले से बड़ी संख्या में लॉन्ग पोजिशन होने के कारण गिरावट का असर ज्यादा देखने को मिला। अहम तकनीकी स्तर टूटने के बाद लिक्विडेशन बढ़े और बिकवाली ने कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाला।

ETF से निकासी और शेयर बाजार की कमजोरी

Bitcoin और Ethereum से जुड़े स्पॉट एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स (ETF) में भी महंगाई रिपोर्ट के आसपास के कारोबारी सत्रों में निकासी दर्ज की गई। इससे संस्थागत निवेशकों की सतर्कता का संकेत मिला। हालांकि, यह निकासी गिरावट की मुख्य वजह नहीं थी, लेकिन इससे बाजार में खरीदारी का सहारा कमजोर हुआ। क्रिप्टो बाजार की गिरावट के साथ टेक्नोलॉजी शेयरों वाले प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में भी कमजोरी देखने को मिली। इससे पता चलता है कि क्रिप्टो बाजार अमेरिकी ब्याज दरों और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता से काफी प्रभावित होता है।

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आगे Bitcoin और Ethereum के लिए अहम स्तर

अब निवेशकों की नजर अमेरिका के सितंबर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और फेड अधिकारियों के बयानों पर रहेगी। ये संकेत देंगे कि महंगाई का दबाव कितना बना हुआ है और ब्याज दरों को लेकर फेड का अगला कदम क्या हो सकता है। Bitcoin के लिए 80,000 डॉलर का स्तर अहम माना जा रहा है। वहीं, Ethereum के लिए 2,300 से 2,350 डॉलर का दायरा महत्वपूर्ण है। अगर कीमतें इन स्तरों से नीचे टिकती हैं, तो और लिक्विडेशन होने का जोखिम बढ़ सकता है। दूसरी ओर, बाजार में स्थिरता आने के लिए महंगाई के नरम पड़ने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका कम होने के संकेत जरूरी होंगे। फिलहाल, निवेशक लीवरेज पोजिशन और ETF में आने-जाने वाले पैसों पर नजर रख रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि मौजूदा गिरावट केवल अमेरिकी महंगाई से जुड़ी अस्थायी प्रतिक्रिया है या फिर ऊंची ब्याज दरों की आशंका के कारण क्रिप्टो बाजार में लंबे समय तक सतर्कता बनी रहती है।

DISCLAIMER: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न समझें। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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