Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit CFO Resignation: क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विपिन कपूरिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक बार फिर Flipkart में सीनियर फाइनेंस रोल में लौट रहे हैं। इस खबर ने ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में चर्चा तेज कर दी है।  क–कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव: Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया, IPO और फंडिंग के दौर में अहम फैसला।  Blinkit में एक साल से थोड़ा ज्यादा का सफर  विपिन कपूरिया 2024 में Blinkit से जुड़े थे। उन्होंने यहां 1 साल से थोड़ा ज्यादा समय काम किया है। वह गुरुग्राम बेस्ड Blinkit में शामिल होने से पहले Flipkart में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर थे। कपूरिया Blinkit के पहले फुल टाइम CFO थे क्योंकि यह पद 2022 से खाली था। उस समय Zomato द्वारा Blinkit के अधिग्रहण के बाद तत्कालीन CFO अमित सचदेवा ने कंपनी छोड़ दी थी।  Flipkart के साथ पुराना रिश्ता  Flipkart में विपिन कपूरिया की यह तीसरी पारी होगी। उन्होंने पहली बार 2015 में Flipkart जॉइन किया था। इसके बाद 2018 में वह हॉस्पिटैलिटी स्टार्टअप Oyo चले गए। 2020 में उन्होंने दोबारा Flipkart में वापसी की और फिर 2024 में Blinkit से जुड़े। अब एक बार फिर वह Flipkart के फाइनेंस लीडरशिप का हिस्सा बनने जा रहे हैं।  Blinkit और Eternal में अहम भूमिका  Blinkit में रहते हुए कपूरिया ने कंपनी के CEO अल्बिंदर ढिंढसा और Eternal के CFO अक्षांत गोयल के साथ मिलकर काम किया है। वह उस दौर में Blinkit से जुड़े थे, जब Eternal ने 8,500 करोड़ की राशि Qualified Institutional Placement के जरिए जुटाई थी। यह फंडिंग Blinkit और पूरे क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए अहम मानी गई है।  READ MORE: Aman Jain बने Meta के नए पॉलिसी हेड  क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेजी और फंडिंग  पिछले 12 से 14 महीनों में क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।  Swiggy ने 2024 में IPO और हालिया QIP के जरिए 14,500 करोड़ जुटाए।  Zepto अगले साल 11,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है।  READ MORE: Flipkart लाया स्मार्टफोन एक्सचेंज ऑफर, 40 मिनट में ऐसे करें अप्लाई  Flipkart Minutes में नेतृत्व बदलाव 
December 31, 2025
‘जुकरबर्ग का 77 बिलियन डॉलर Metaverse में फेल’

‘जुकरबर्ग का 77 बिलियन डॉलर Metaverse में फेल’

Meta Metaverse Loss: इकोनॉमिस्ट डीन बेकर ने Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग के Metaverse निवेश की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जुकरबर्ग ने 77 बिलियन डॉलर ‘टॉयलेट में फेंक दिए’, जो एक गलत और बेकार निवेश था। अपने न्यूजलेटर में बेकर ने लिखा है कि Meta का Metaverse प्रोजेक्ट केवल एक सामान्य गलत निवेश निर्णय था, जैसा कि कंपनियां समय–समय पर करती हैं।  Meta के Metaverse में भारी निवेश पर आलोचना, 77 बिलियन डॉलर का सवाल और AI स्टार्टअप Manus अधिग्रहण से जुकरबर्ग का अगला कदम।  बेकर का मानना है कि इस निवेश का नुकसान सिर्फ Meta की किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी भारी लागत साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, प्लानर्स और सपोर्ट स्टाफ के साथ–साथ ऑफिस स्पेस, कंप्यूटर और बिजली जैसे संसाधनों का भी इस्तेमाल हुआ है। अगर ये संसाधन अन्य उत्पादक क्षेत्रों में लगाए जाते, तो समाज के लिए ज्यादा लाभकारी साबित होते।   बेकर ने यह भी चेतावनी दी है कि AI निवेश का तेजी से बढ़ना अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यह टैलेंट को अवशोषित कर रहा है और पावर ग्रिड्स पर दबाव बढ़ा रहा है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो जाता है।  ‘Meta की तीसरी सबसे बड़ी खरीदारी’  Meta ने हाल ही में चाइनीज AI स्टार्टअप Manus को खरीदने कि घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह Meta की तीसरी सबसे बड़ी अधिग्रहण डील है। WhatsApp और ScaleAI के बाद यह कदम CEO जुकरबर्ग की एडवांस्ड AI में आक्रामक निवेश नीति को दर्शाता है, ताकि Meta Google और OpenAI जैसी कंपनियों से मुकाबला कर सके।  READ MORE: Meta में शामिल हुआ Manus, अब AI करेगा असली काम  Meta ने कहा है कि Manus की सर्विस को ऑपरेट और सेल किया जाएगा और इसके तकनीक को Meta AI चैटबोट और अन्य प्रोडक्ट्स में जोड़ा जाएगा। Manus को लीडिंग ऑटोनोमस जनरल पर्पज AI एजेंट माना जाता है, जो मार्केट रिसर्च, कोडिंग और डेटा एनालिसिस जैसे काम कर सकता है।  READ MORE: Meta ने लॉन्च किया 24/7 सपोर्ट हब, FB-Instagram यूजर्स को मिली सुविधा  इस तरह, Meta ने Metaverse में बड़े निवेश के कारण आलोचना झेली, लेकिन AI में बड़ा कदम उठाकर तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है। 
December 30, 2025
ईरान की करेंसी क्रैश, Bitcoin फिर चर्चा में आया

ईरान की करेंसी क्रैश, Bitcoin फिर चर्चा में आया

Iran Rial Crash: ईरान इस समय गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। राजधानी तेहरान में इस हफ्ते बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले, जिनकी मुख्य वजह देश की Rial का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचना है। लगातार बढ़ती महंगाई, लोगों की बचत का खत्म होना और कमजोर आर्थिक नीतियों ने जनता का गुस्सा सड़कों पर ला दिया है।   ईरान में Rial की ऐतिहासिक गिरावट के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। महंगाई, बैंकिंग संकट और Bitcoin जैसे विकल्पों पर बढ़ती चर्चा के बारे में जानें   Rial की ऐतिहासिक गिरावट  रिपोर्ट्स के अनुसार, जून के बाद से ईरानी Rial की खरीदने की ताकत 40% से ज्यादा घट चुकी है। इसी दौरान इजरायल के साथ हुए सीमित लेकिन तीखे सैन्य टकराव ने भी देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया। फिलहाल, स्थिति यह है कि 1 अमेरिकी डॉलर करीब 14 लाख Rial के बराबर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है।   Economic mismanagement — The story of the past, present, and future. Bitcoin is a new way for the
December 30, 2025
भारत का ‘बंदर अपना दोस्त’ बना YouTube का सुपरस्टार, रचा इतिहास

भारत का ‘बंदर अपना दोस्त’ बना YouTube का सुपरस्टार, रचा इतिहास

Bandar Apna Dost: YouTube पर AI से बना कंटेंट अब सिर्फ एक नया ट्रेंड नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों की कमाई और अरबों व्यूज वाला बड़ा बिजनेस बन चुका है। इस बदलाव के केंद्र में अब भारत आ गया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय AI Shorts चैनल Bandar Apna Dost ने अपने AI-generated वीडियो से अब तक 2.07 अरब व्यूज हासिल कर लिए हैं। इसके साथ ही यह चैनल दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला AI slop चैनल बन गया है।  AI से बने YouTube Shorts कैसे करोड़ों व्यूज और मोटी कमाई कर रहे हैं? इस रिपोर्ट में जानिए कैसे भारत का एक AI चैनल दुनिया में सबसे आगे निकल गया।  कमाई में भी सबसे आगे भारत  व्यूज के साथ–साथ कमाई के मामले में भी Bandar Apna Dost ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट का अनुमान है कि यह चैनल सालाना करीब 4.25 मिलियन डॉलर कमाता है। भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम लगभग 370 करोड़ से ज्यादा बैठती है। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि AI बेस्ड स्टोरीटेलिंग अब YouTube पर बेहद ताकतवर बन चुकी है।  AI Shorts अब हर जगह दिख रहे हैं  जिस रिपोर्ट में इस चैनल की सफलता सामने आई है, उसमें यह भी बताया गया है कि YouTube Shorts पर AI कंटेंट कितनी तेजी से फैल रहा है। Kapwing की स्टडी के अनुसार, नए यूजर्स को जो Shorts वीडियो सुझाए जाते हैं, उनमें से हर 5 में से एक वीडियो AI generated होता है। Bandar Apna Dost इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके AI ड्रिवन वीडियो फॉर्मेट ने बहुत कम समय में जबरदस्त पहचान बना ली है और आज यह चैनल व्यूज और कमाई, दोनों में ग्लोबल लीडर बन चुका है।  READ MORE: YouTube ने लॉन्च किया ‘Shorts Timer’, बढ़ेगी वीडियो देखने समझदारी  AI कंटेंट को लेकर बहस भी तेज 
December 30, 2025
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