Trump Ban Anthropic AI: अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले के दौरान Anthropic कंपनी के Claude AI का इस्तेमाल किया। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले से कुछ घंटे पहले ही इस AI को बैन कर दिया था, फिर भी सेना ने इसका उपयोग जारी रखा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने Anthropic का AI बैन किया, लेकिन घंटों बाद ही सेना ने ईरान हमले में Claude का उपयोग किया। जानिए Pentagon का OpenAI से नया समझौता।
सेना ने AI से क्या काम लिया?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने इजराइल के साथ मिलकर किए गए हमले में Claude AI की मदद ली। बता दें कि AI ने दुश्मन के ठिकानों की पहचान करने, खुफिया जानकारी को समझने और युद्ध की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई। यानी यह AI सीधे युद्ध के फैसलों में शामिल था।
बैन के बाद भी इस्तेमाल क्यों?
दरअसल, Claude AI पहले से ही सेना के गोपनीय नेटवर्क में इतनी गहराई से जुड़ा हुआ था कि उसे अचानक हटाना मुमकिन नहीं था। ट्रंप का आदेश आया और घंटों में ही हमला शुरू हो गया। सेना के पास इतना वक्त नहीं था कि वह कोई दूसरा विकल्प ढूंढ सके। यह घटना बताती है कि AI आज की आधुनिक सेना में कितना जरूरी हिस्सा बन चुका है।
READ MORE: Apple लेगा OpenAI या Claude का सपोर्ट! अब Siri को मिलेगी नई ताकत
ट्रंप और Anthropic में क्यों हुई लड़ाई?
ट्रंप ने Anthropic को ‘कट्टर वामपंथी कंपनी’ बताया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक है। विवाद तब और बढ़ा जब पता चला कि सेना ने Claude का इस्तेमाल वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो से जुड़े एक ऑपरेशन में किया था, जो कंपनी की शर्तों के खिलाफ था। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी कंपनी पर ‘घमंड और विश्वासघात’ का आरोप लगाया और अगले 6 महीनों में Claude की जगह नई AI प्रणाली लाने की बात कही।
READ MORE: हैकर्स ने Claude AI को बनाया हथियार, हेल्थकेयर और सरकारें बनीं निशाना
OpenAI को मिला बड़ा फायदा
Anthropic से अलगाव के बाद Pentagon ने OpenAI के साथ बड़ा समझौता किया। अब ChatGPT को सेना के गोपनीय नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जाएगा। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने इस डील की पुष्टि की। अमेरिकी सेना अब OpenAI को अपनी नई AI रीढ़ बनाने की तैयारी में है।
