ChatGPT बना डिजिटल वकील, मकान मालिक से वसूले 35,000 रुपये

ChatGPT बना डिजिटल वकील, मकान मालिक से वसूले 35,000 रुपये

6 mins read
847 views
June 4, 2025

यह तकनीक आपको कानूनी मामलों में भी मदद कर सकती है? हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींचा।

ChatGPT Digital Lawyer : आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। चाहे बात पढ़ाई की हो, नौकरी की हो या रोजमर्रा के छोटे-मोटे कामों की हो, AI अब हर जगह काम आ रहा है, लेकिन क्या आपने सोचा है कि यह तकनीक आपको कानूनी मामलों में भी मदद कर सकती है? नहीं… तो बता दें कि  हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींचा।

ChatGPT की ली मदद

यह मामला सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ था, जहां एक किराएदार ने बताया कि कैसे उसने ChatGPT की मदद से अपने 35,000 का सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस लिया। उसने मकान खाली करने के बाद कई बार अपने मकान मालिक से संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वकीलों से संपर्क करने पर उन्होंने इतनी छोटी रकम का केस लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में वह काफी परेशान हो गया और तब उसने GPT-4 यानी ChatGPT की मदद लेने का फैसला किया।

ChatGPT ने मांगी कई जानकारियां

किराएदार ने बताया कि ChatGPT ने उससे कुछ जरूरी जानकारियां मांगीं जैसे उसका और मकान मालिक का नाम, पता, किराया, रहने की अवधि और अब तक किए गए बातचीत के प्रयासों का ब्यौरा। इन जानकारियों के आधार पर ChatGPT ने एक कानूनी नोटिस तैयार किया जिसमें उपभोक्ता कानूनों का भी उल्लेख था।

मकान मालिक ने किया संपर्क

नोटिस को पढ़कर कोई भी कह सकता था कि यह किसी पेशेवर वकील ने लिखा है। किराएदार ने यह नोटिस मकान मालिक को भेज दिया। कुछ ही दिनों में मकान मालिक ने खुद उससे संपर्क किया और पूरा 35,000 लौटा दिया।

लोगों ने उठाए सवाल

यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे AI के एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा, जहां तकनीक ने आम आदमी की मदद की। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह कहानी प्रेरणादायक बन गई जो छोटे-छोटे मामलों के लिए वकीलों के पास नहीं जा पाते या आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होते। हालांकि, कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि AI हमेशा सही कानूनी जानकारी नहीं देता और कभी-कभी यह गलत कानूनों या झूठे रेफरेंस का हवाला दे सकता है। खुद किराएदार ने भी माना कि उसने नोटिस भेजने से पहले उसमें दिए गए कानूनों को अच्छी तरह से जांचा-परखा था।

इस घटना ने एक और बड़ी बहस को जन्म दे दिया है… क्या भविष्य में AI छोटे कानूनी मामलों के लिए एक सस्ता, तेज और असरदार विकल्प बन सकता है? कई लोगों का मानना है कि अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और किसी विशेषज्ञ की निगरानी में रखा जाए, तो AI आम लोगों के लिए न्याय की पहुंच को आसान बना सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

FREE में सब कुछ देने वाला WhatsApp कैसे करता है कमाई
Previous Story

FREE में सब कुछ देने वाला WhatsApp कैसे करता है कमाई

CEO Sam Altman
Next Story

OpenAI पर बनने जा रही फिल्म, कौन होगा डायरेक्टर?

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss