CERT-In का अलर्ट, भारत के क्रिप्टो एक्सचेंज पर बड़ा खतरा!

CERT-In का अलर्ट, भारत के क्रिप्टो एक्सचेंज पर बड़ा खतरा!

14 mins read
4 views
November 5, 2026

CRAFTY FALCON: भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने एक ऐसे खतरनाक साइबर अभियान का खुलासा किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से हैकर्स वित्तीय संस्थानों पर हमले कर रहे हैं। CRAFTY FALCON नाम का यह साइबर अपराधी समूह क्रिप्टो एक्सचेंजों के वॉलेट की चाबियां चुरा रहा है और डिजिटल करेंसी को दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर कर रहा है। एजेंसी ने 4 नवंबर को इस संबंध में गंभीर चेतावनी जारी की है। यह अभियान अभी भी सक्रिय है।

CRAFTY FALCON का हमला: 2026 में भारत के क्रिप्टो एक्सचेंज निशाने पर, AI से करोड़ों की चोरी का खतरा

AI की मदद से मशीन की रफ्तार से हो रहे साइबर हमले

भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) के मुताबिक, CRAFTY FALCON आम हैकर्स की तरह काम नहीं करता। यह समूह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपने निशाने की कमजोरियां तलाशता है। इसके बाद मशीन की रफ्तार से साइबर हमले करता है। एजेंसी ने अपनी जांच में कई ऐसे AI आधारित टूल की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल हमलों में हुआ। इनमें ARTEX, PentAGI, Cairn और CyberStrikeAI शामिल हैं। इन टूल की मदद से हमलावर खुद ही साइबर हमले की पूरी प्रक्रिया चला सकते हैं। ये टूल निशाने के हिसाब से विशेष कोड और स्क्रिप्ट तैयार करते हैं। सामने वाले सिस्टम की प्रतिक्रिया के आधार पर हमले का तरीका भी बदल देते हैं। हमलावरों ने AWS Systems Manager और Lambda जैसी क्लाउड सेवाओं का इस्तेमाल भी किया। इनके जरिए उन्होंने सिस्टम में कमांड चलाए और नुकसान पहुंचाने वाली फाइलें भेजीं।

READ MORE: Tesla-Amazon समेत 56 कंपनियों ने OKX-ICE की मुश्किलें बढ़ाईं

क्रिप्टो एक्सचेंज के वॉलेट की चाबियां चुराईं

इस अभियान में सबसे ज्यादा चिंता क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म को लेकर है। CERT-In ने बताया कि हमलावरों ने क्रिप्टो एक्सचेंज और वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सेवा देने वाली कंपनियों को निशाना बनाया। इन हमलों में वॉलेट की निजी चाबियां चोरी की गईं। इसके बाद क्रिप्टो वॉलेट से रकम दूसरे ठिकानों पर भेजी गई। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक प्रभावित एक्सचेंजों के नाम नहीं बताए हैं। कितने वॉलेट से छेड़छाड़ हुई और कुल कितनी क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई, इसका आंकड़ा भी सामने नहीं आया है।

हमलावरों ने बड़े ट्रांसफर से पहले 1 रुपये जैसे छोटे भुगतान करके सिस्टम की जांच की। जब उन्हें भुगतान प्रक्रिया में कमजोरी मिली, तो उन्होंने बड़ी रकम निकालने की कोशिश की। इसके अलावा, हमलावरों ने पेमेंट एग्रीगेटर के मर्चेंट सेटलमेंट API का भी दुरुपयोग किया। इससे वित्तीय लेनदेन को अपने पक्ष में मोड़ने का खतरा बढ़ गया।

टेस्टिंग सिस्टम से प्रोडक्शन तक पहुंचे हैकर्स

CERT-In की जांच में सामने आया कि हमलावरों ने कई कंपनियों के टेस्टिंग और स्टेजिंग सिस्टम को निशाना बनाया। कुछ मामलों में वे यहां से मुख्य प्रोडक्शन सिस्टम तक पहुंच गए। इसकी बड़ी वजह दोनों सिस्टम के बीच साझा पासवर्ड, एक्सेस टोकन और नेटवर्क कनेक्शन थे। यानी जिस सिस्टम में नए फीचर की जांच हो रही थी, उसकी कमजोरियों के जरिए हमलावर मुख्य वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच गए। हैकर्स ने ऐप के कोड को भी समझा और उसमें बदलाव किए। उन्होंने ऐप के बदले हुए पैकेज बनाकर अनधिकृत API अनुरोध भेजे। इस तरीके से वे उन सुरक्षा जांचों को चकमा देने में सफल हुए, जो असली मोबाइल ऐप पर भरोसा करके काम करती थीं। यह हमला सिर्फ क्रिप्टो कंपनियों तक सीमित नहीं है। इसके निशाने पर NBFC, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म, फिनटेक कंपनियां, पेमेंट एग्रीगेटर और पेमेंट सेवा प्रदाता भी हैं।

अक्टूबर की चेतावनी के बाद भी दोबारा हमले

CERT-In ने बताया कि यह नवंबर का अलर्ट पहला नहीं है। एजेंसी ने इससे पहले 9 अक्टूबर 2026 को भी पेमेंट और डिस्बर्समेंट API के जरिए अनधिकृत पैसे ट्रांसफर करने को लेकर चेतावनी जारी की थी। सबसे गंभीर बात यह है कि हमलावर उन कंपनियों को भी दोबारा निशाना बना रहे हैं, जिन्हें पहले सुरक्षा चेतावनी मिल चुकी थी। कुछ NBFC और फिनटेक कंपनियों ने पुराने साइबर हमलों के बाद सुरक्षा सुधार किए थे, लेकिन ये सुधार अधूरे रह गए। हमलावरों ने उन्हीं कमजोरियों का दोबारा फायदा उठाने की कोशिश की। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल में CoinDCX और Binance से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं को CRAFTY FALCON से जोड़ने का कोई प्रमाण नहीं है। इन घटनाओं और मौजूदा अभियान को अलग-अलग देखना जरूरी है।

READ MORE: THORChain पर Bitcoin-Ethereum स्वैप शुरू, यूजर्स को बड़ी राहत

CERT-In ने क्रिप्टो कंपनियों को दी ये सलाह

साइबर सुरक्षा एजेंसी ने वित्तीय संस्थानों को इस अभियान को गंभीर खतरा मानने और चौबीसों घंटे निगरानी रखने को कहा है। खासकर छुट्टियों और सप्ताहांत में सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी गई है।

क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए एजेंसी ने खास निर्देश दिए हैं:

  • वॉलेट की निजी चाबियां हार्डवेयर सिक्योरिटी मॉड्यूल (HSM) या कोल्ड स्टोरेज में रखें।
  • पैसे निकालने के लिए मल्टी-सिग्नेचर मंजूरी अनिवार्य करें।
  • अचानक होने वाली बड़ी निकासी और असामान्य लेनदेन पर नजर रखें।
  • टेस्टिंग और प्रोडक्शन सिस्टम को पूरी तरह अलग रखें।
  • क्लाउड सिस्टम और API गतिविधियों की लगातार निगरानी करें।
  • संदिग्ध गतिविधि मिलने पर प्रभावित सिस्टम को अलग करें और पुराने सबूत सुरक्षित रखें।
  • चोरी हुए पासवर्ड और एक्सेस टोकन तुरंत बदलें।

DISCLAIMER: इस खबर में दी गई जानकारी CERT-In की एडवाइजरी और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी की कुल रकम और प्रभावित एक्सचेंजों के नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Don't Miss