Gold Price 29 Oct_ सोना सस्ता होने पर भी ज्वेलर्स क्यों परेशान_

Gold Price 29 Oct: सोना सस्ता होने पर भी ज्वेलर्स क्यों परेशान?

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October 29, 2026

Gold Rate Today : भारत में धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में सोने की मांग आमतौर पर बढ़ती है, लेकिन इस बार बड़े ज्वैलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदने से बच रहे हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि कीमतें अभी और गिर सकती हैं। ऐसे में वे मौजूदा स्टॉक से काम चला रहे हैं और बाजार की अगली चाल का इंतजार कर रहे हैं।

त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में सोने की मांग पर सबकी नजर, जानें सोने का भाव और बाजार का हाल।

सोने की कीमतों में गिरावट, फिर भी खरीदारी धीमी

कीमती धातुओं को रिफाइन करने वाली कंपनी MMTC-PAMP के प्रमुख समीत गुहा के मुताबिक, बड़ी ज्वैलरी कंपनियां अभी पूरी तरह खरीदारी के लिए बाजार में नहीं लौटी हैं। वहीं, छोटे और मध्यम स्तर के ज्वैलर्स ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। कुछ कारोबारियों ने नए ऑर्डर भी दिए हैं। ज्वैलरी कारोबार में कीमतों की दिशा अहम होती है। जब सोने के भाव बढ़ने लगते हैं, तो कंपनियां आगे महंगे दाम पर खरीदारी से बचने के लिए पहले ही स्टॉक जमा कर लेती हैं। लेकिन जब भाव और गिरने की आशंका होती है, तो वे नई खरीदारी टाल देती हैं। फिलहाल बड़े ज्वैलर्स इसी रणनीति पर चलते दिख रहे हैं।

रिकॉर्ड स्तर से करीब 24% नीचे आया सोना

जनवरी में सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव गिरने लगे। 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 24% गिर चुकी थी। पिछले सप्ताह सोने का भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे चला गया। यह जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर था। इसके बावजूद बड़े ज्वैलर्स जल्दबाजी में खरीदारी नहीं कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि अगर कीमतें आगे और गिरती हैं, तो अभी खरीदा गया सोना बाद में सस्ता मिल सकता है।

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त्योहारों से पहले मांग पर नजर

भारत में अक्टूबर से दिसंबर तक सोने की खरीदारी के लिहाज से अहम समय माना जाता है। धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के कारण इस दौरान मांग बढ़ती है। लेकिन इस बार कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ग्राहकों और कारोबारियों, दोनों को सतर्क कर दिया है। MMTC-PAMP के अनुसार, कंपनी की सोने की बिक्री पिछले साल के स्तर से नीचे चल रही है। सितंबर में बिक्री लगभग पिछले साल जितनी रही, जबकि अक्टूबर में इसमें थोड़ी तेजी देखने को मिली। हालांकि, यह तेजी बड़े ज्वैलर्स की खरीदारी में मजबूत वापसी का संकेत नहीं देती।

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आयात शुल्क और कमजोर मांग से भी दबाव

सोने की मांग पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मई में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया गया था। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना विदेशों से मंगाता है, इसलिए आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में सोने की लागत प्रभावित होती है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में कमजोर मांग और आयात से जुड़े सख्त नियम भी कारोबार पर दबाव डाल सकते हैं। ऐसे में ज्वैलर्स अपनी जरूरत और कीमतों के अनुमान के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। फिलहाल, बड़े ज्वैलर्स सोने के भाव में और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं। अगर कीमतें फिर बढ़ने लगती हैं, तो उनकी खरीदारी तेज हो सकती है। आने वाले सप्ताह त्योहारों के बाजार और सोने की मांग की दिशा तय करने में अहम रहेंगे।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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