CFTC Crypto Rules : अमेरिका के कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) ने सोमवार को क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नया संघीय नियामक ढांचा प्रस्तावित किया। इसका मकसद लीवरेज और मार्जिन पर क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वाले प्लेटफॉर्म को संघीय निगरानी में लाना है। अभी बाजार का बड़ा हिस्सा अलग-अलग राज्यों के लाइसेंस और नियमों के भरोसे चलता है।
CFTC ने क्रिप्टो बाजार को लेकर बड़ा कदम उठाया, नए नियमों से एक्सचेंजों पर क्या बदलेगा और बिटकॉइन की कीमत पर इसका क्या असर पड़ सकता है?
CFTC क्रिप्टो रेगुलेशन से एक्सचेंजों को मिलेगा नया रास्ता
CFTC के प्रस्ताव के तहत अमेरिकी क्रिप्टो एक्सचेंज चाहें तो एक संघीय नियामक व्यवस्था अपना सकेंगे। इससे उन्हें अलग-अलग राज्यों के मनी-ट्रांसमीटर लाइसेंस पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। आयोग अपनी मौजूदा कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगा। ये शक्तियां मार्जिन और लीवरेज वाले स्पॉट एसेट कारोबार पर लागू होती हैं। हालांकि, पूरे स्पॉट क्रिप्टो बाजार पर अधिकार पाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी अभी भी जरूरी है। CFTC चेयरमैन माइकल एस. सेलिग ने कहा कि अमेरिकी लोगों को क्रिप्टो बाजार में स्पष्ट नियम, भरोसा और उपभोक्ता सुरक्षा चाहिए। उनके मुताबिक, आयोग ऐसा ढांचा बनाना चाहता है, जिसमें धोखाधड़ी होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे पहले ही रोकने पर जोर हो।
JUST IN: 🇺🇸 CFTC proposes rules to regulate U.S. crypto markets.
“Today’s action is just the beginning…America can lead the next generation of financial technology without repeating the mistakes of the last one.” 👏 pic.twitter.com/jTL52Aqhbi
— Bitcoin Magazine (@BitcoinMagazine) October 5, 2026
नए नियमों में क्रिप्टो एसेट मार्केट की नई श्रेणी
प्रस्ताव में CFTC ने ‘क्रिप्टो एसेट मार्केट्स’ नाम की नई श्रेणी बनाने की बात कही है। इसमें ऐसे एक्सचेंज आएंगे जो खुदरा निवेशकों को लीवरेज या मार्जिन पर डिजिटल एसेट कारोबार की सुविधा देते हैं। इन प्लेटफॉर्म को बाजार में हेरफेर रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनानी होगी। साथ ही उन्हें प्रूफ-ऑफ-रिजर्व्स की जानकारी भी देनी होगी। यानी ग्राहकों की संपत्तियों के बदले एक्सचेंज के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है या नहीं, इसकी जानकारी देनी होगी। प्रस्ताव में रजिस्टर्ड फ्यूचर्स कमीशन मर्चेंट्स को भी ग्राहक लेनदेन में मध्यस्थ बनाने की बात कही गई है। CFTC ने फिलहाल लीवरेज की कोई तय सीमा प्रस्तावित नहीं की है। लेकिन लीवरेज वाले उत्पाद सूचीबद्ध करने से पहले एक्सचेंजों को CFTC कर्मचारियों से मंजूरी लेनी होगी।
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कांग्रेस की नाकामी के बाद बढ़ी नियामकों की भूमिका
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी कांग्रेस क्रिप्टो से जुड़े व्यापक कानून पर आगे नहीं बढ़ सकी। Clarity Act का मकसद करीब 2 ट्रिलियन डॉलर के क्रिप्टो बाजार के लिए स्पष्ट नियम बनाना था। इस कानून में CFTC को स्पॉट क्रिप्टो बाजार पर ज्यादा अधिकार देने का प्रस्ताव था। लेकिन राजनीतिक सहमति नहीं बनने के बाद अब नियामक संस्थाएं अपनी मौजूदा शक्तियों के भीतर रास्ता तलाश रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भी संघीय क्रिप्टो बाजार ढांचे की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस के नए कानून के बिना बने नियम राजनीतिक बदलाव या कानूनी चुनौती के सामने कमजोर पड़ सकते हैं।
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आज बिटकॉइन समेत क्रिप्टो बाजार का क्या हाल?
अभी बिटकॉइन 85,000-86,000 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। मंगलवार को यह कुछ समय के लिए 87,000 डॉलर के करीब पहुंचा था, लेकिन वहां टिक नहीं सका। Ethereum करीब 2,700 डॉलर, XRP करीब 1.50 डॉलर और Solana करीब 120 डॉलर पर बना हुआ है। ऊंची अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि निवेशकों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व आगे कम सख्त रुख अपना सकता है। Pi42 के सह-संस्थापक और CEO अविनाश शेखर के मुताबिक बिटकॉइन की मौजूदा मजबूती के लिए 85,000 डॉलर का स्तर अहम है। अगर यह स्तर कायम रहता है, तो निकट अवधि में तेजी की उम्मीद बनी रह सकती है।
DISCLAIMER: इस खबर में दी गई जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स और बाजार से जुड़े आंकड़ों पर आधारित है। क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। यह खबर किसी तरह की निवेश सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
