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क्या है डिजिटल वसीयत? मरने से पहले क्यों करना चाहिए ये काम

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January 22, 2025

जब हम मर जाते हैं तो हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स का क्या होता है, क्या सोशल मीडिया भी हमारे साथ ही खत्म हो जाते हैं या फिर अनगिनत यादों के रूप में रह जाते

Social Media Accounts: आजकल पूरी दुनिया डिजिटल हो गई है। लोग दूर रहते हुए भी बड़े आसानी से अब डिजिटली जुड़ सकते हैं। फेसबुक पर शेयर की गई तस्वीरें, इंस्टाग्राम रील्स, ट्विटर डिबेट और वॉट्सऐप मैसेज ये हमारी डिजिटल दुनिया का अहम हिस्सा बन गया है। इन सबके बीच क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम मर जाते हैं तो हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स का क्या होता है, क्या सोशल मीडिया भी हमारे साथ ही खत्म हो जाते हैं या फिर अनगिनत यादों के रूप में रह जाते हैं?

लंबे समय तक एक्टिव नहीं रहने पर होता है ये

Google या किसी भी दूसरी कंपनी के पास ऐसा कोई टूल नहीं है, जिसके जरिए किसी की मौत की जानकारी तुरंत मिल जाए। मान लिजिए अगर कोई Google अकाउंट लंबे समय तक एक्टिव नहीं रहता है, तो ऐसे अकाउंट को इनएक्टिव अकाउंट की कैटेगरी में भेज दिया जाता है। यानी कि Google मान लेता है कि इस अकाउंट का मालिक इस दुनिया में नहीं है, लेकिन Google यह सुविधा भी देता है कि मृत्यु के बाद किसी के डिजिटल डेटा पर उसका अधिकार रहेगा।

यहां चैक कर सकते हैं डिटेल

Google के पास एक ऐसा फीचर है, जिसके जरिए आप अपनी मौत के बाद आपका डेटा कौन हैंडल करेगा और जीमेल आदि को कौन एक्सेस करेगा यह तय कर सकते हैं। बता दें कि Google के इस फीचर को आप myaccount.google.com/inactive पर जाकर एक्सेस कर सकते हैं। आप इसके लिए अधिकतम 18 महीने का समय तय कर सकते हैं, यानी कि अगर 18 महीने तक आपका अकाउंट एक्सेस नहीं होता है, तो जिस व्यक्ति के साथ आपने पासवर्ड शेयर किया है। वह myaccount.google.com/inactive के जरिए आपके अकाउंट को एक्सेस कर सकेगा।

इस लिंक को ओपन करके आपको उस व्यक्ति का ईमेल आईडी, फोन नंबर आदि डालना होगा, जिसे आप अपना अकाउंट सौंपना चाहते हैं। गूगल वसीयत के तौर पर 10 लोगों के नाम जोड़ने का विकल्प देता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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