Genesis AI robot: आपने देखा और सुना होगा कि रोबोट लंबे समय से फैक्ट्रियों में मशीन की तरह काम करते रहे हैं। उसमें एक ही काम को बार-बार करने की अजीब क्षमता होती है। लेकिन वे मनुष्य की तरह महूसस कर काम नहीं सकते थे। लेकिन एआई के आने के बाद अब सबकुछ बदल रहा है। आज का रोबोट खाना भी बना सकता है। पियानों भी बजा सकता है। एक इलेक्ट्रिशियन की तरह काम भी कर सकता है। तो आइए जानते हैं इस अद्भूत रोबोट के बारे में।
AI और रोबोटिक्स का नया दौर शुरू, Genesis AI के ह्यूमन-लाइक रोबोट अब मुश्किल कामों को भी इंसानों जैसी हुनर रहा सीख। जानें खूबियां।
GENE-26.5 ने बदली रोबोटिक्स की तस्वीर
अब एक नई AI कंपनी Genesis AI दावा कर रही है कि उसने इस दिशा में बड़ी छलांग लगा ली है। कंपनी ने GENE-26.5 नाम का एक रोबोटिक फाउंडेशन मॉडल तैयार किया है। यह रोबोट्स को इंसानों की तरह हाथों का इस्तेमाल करना सिखाता है। यह तकनीक उसे मानव व्यवहार समझने की गुण देती है। कंपनी के अनुसार, उनके रोबोट खाना बना सकते हैं। रुबिक क्यूब हल कर सकते हैं। लैब में पाइपेटिंग कर सकते हैं। वायरिंग कर सकते हैं और यहां तक कि रियल टाइम में पियानो भी बजा सकते हैं।
इंसानों जैसे हाथ बनाने पर फोकस
कंपनी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल बनाना काफी नहीं है। अगर रोबोट को इंसानों जैसा बनाना है, तो उसके हाथ, पकड़, स्पर्श और मूवमेंट भी इंसानों की तरह होने चाहिए। इसी सोच के तहत कंपनी ने Genesis Hand 1.0 नाम का रोबोटिक हाथ विकसित किया है। इसमें 20 डिग्री ऑफ फ्रीडम दिए गए हैं। जिससे अपने हाथ को आसानी से मूव कर सके। नाजुक चीजों को संभाल सके।
सेंसर ग्लव्स से सीख रहा है रोबोट
कंपनी ने इस रोबोट को प्रशिक्षित अनोखा तरीका अपनाया है। इसके लिए विशेष सेंसर वाले ग्लव्स बनाए गए हैं। जिन्हें इंसान पहनकर काम करते हैं। इस ग्लव्स की खासियत यह है कि यह हाथों से काम करने के सारा हिसाब अपने पास रखता है। जैसे, इंसान हाथों पर कितना दबाव डाल रहा है। उंगलियां कैसे मोड़ रहा है। चीजों को कैसे पकड़ रहा है। इन सारी चीजों को एक डेटा के तौर पर संकल्ति कर बाद में रोबोट को सिखाने में इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि अब रोबोट कोड नहीं पढ़ रहा है। यह इंसान की आदतों को भी सीख रहा है।
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एक घंटे में सीखा पियानो बजाना
कंपनी के CEO Zhou Xian की माने तो उनकी 60 लोगों की टीम ने रोबोट को महज एक घंटा में पियानों बजाना सिखा दिया। जिसे इंसान को सीखने महीनों तक जाते हैं। वहीं खाना बनाने जैसे 30 सेकेंड के मुश्किल टास्क को सीखने के लिए कुछ घंटों का मानव डेटा और थोड़े समय की रोबोट ट्रेनिंग पर्याप्त रही। यह दिखाता है कि एआई आधारित रोबोटिक्स कितनी सीख रही है और आगे बढ रही है।
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अभी भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं हैं रोबोट
हालांकि, यह तकनीक अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है। कंपनी ने भी यह स्वीकार किया है कि रोबोट नाजुक कामों में गलती कर देते हैं। जैसे की अंडा को तोड़ने में कठिनाई होती है। इसका मतलब है कि रोबोट को मनुष्य की तरह काम करने के स्तर तक पहुंचने के लिए और अधिक समय लग सकते हैं। लेकिन जिस तरह इसे प्रशिक्षित किया जा रहा है आनेवाले दिनों बड़ा चमत्कारिक सिद्ध हो सकता है।जानकारों की माने तो आने वाले वर्षों में ऐसे रोबोट घरों, अस्पतालों, लैब और उद्योग जगत में बड़ी भूमिका अदा करते हुए दिखाई दे सकती है।
