ai impact india it sector entry level job

IT सेक्टर में साइलेंट रिवोल्यूशन, 25 प्रतिशत एंट्री-लेवल जॉब्स गायब!

9 mins read
11 views
April 15, 2026

AI Impact IT Sector Job: भारत का लगभग 300 बिलियन डॉलर का आईटी आउटसोर्सिंग उद्योग दशकों तक एक सरल मॉडल पर टिका रहा । कम लागत पर बड़ी संख्या में कुशल इंजीनियरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर सेवाएं देना। इसी मॉडल ने लाखों युवाओं को रोजगार दिया और एक मजबूत मध्यम वर्ग खड़ा किया। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस तरीका को बदल कर रख दिया है।

AI के बढ़ते असर से आईटी  सेक्टर में पारंपरिक नौकरियां कम हो रही हैं, जानिए किन स्किल्स की बढ़ेगी डिमांड।

AI का बढ़ता हस्तक्षेप बना बदलाव का कारण

जिस कदर एआई अपनी रफ्तार बढ़ा रहा है उस परिस्थिति में बदलाव संभावना नहीं, वास्तविकता बन चुकी है। AI टूल्स पहले से ही टेक्नोलॉजी से जुड़े कई सामान्य कार्यों को संभाल रहे हैं। अनुमान है कि एआई करीब 20–40 प्रतिशत तक सामान्य IT कार्य जैसे कोडिंग, टेस्टिंग और डॉक्यूमेंटेशन को खुद ही पूरा कर सकता है। जिससे बड़ी टीमों की जरूरत कम होती जा रही है। इसका सबसे बड़ा असर एंट्री लेवल नौकरियों पर दिखाई दे रहा है। सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, सपोर्ट इंजीनियर और जूनियर डेवलपर जैसे रोल, जो पहले फ्रेशर्स के लिए शुरुआती सीढ़ी होते थे। लेकिन अब एआई के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

गिरावट के शुरुआती संकेत

स्थिति अब चिंताजनक संकेत देने लगी है। एक आकलन के मुताबिक, ऑटोमेशन के चलते एंट्री लेवल IT Jobs में पहले ही 20–25 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं, कुछ उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर नौकरियों का 50 प्रतिशत तक हिस्सा प्रभावित हो सकता है। IT Sector में कुल विस्तार के बावजूद रोजगार में जिस तरीके का इजाफा होनी चाहिए थी वैसा दिख नहीं रहा है। कंपनियां अब बड़ी संख्या में फ्रेशर्स की भर्ती के बजाय सीमित संख्या में ज्यादा कुशल और अनुभवी लोगों को प्राथमिकता दे रही है।

READ MORE- नौकरी जाएगी या नई बनेगी? Info Edge CEO ने बताया भविष्य का सच

मिड-लेवल कर्मचारियों पर दबाव

यह मिड-लेवल रोल्स में भी रूटीन कोडिंग और मेंटेनेंस का काम धीरे-धीरे ऑटोमेट हो रहा है। इससे उन कर्मचारियों पर भी दबाव बढ़ रहा है, जो अब तक पुराने तकनीकी कौशल पर निर्भर थे। पहले कंपनियां क्लाइंट से समय के आधार  पर शुल्क लेती थीं। लेकिन अब AI के कारण कम समय में काम कर दे रही है। आउटपुट भी अच्छा दे रही है। इसके बाद सवाल यह उठने लगा है कि कौन सी जॉब आज के समय में सुरक्षित है। इसके बारे में कहा जा रहा है कि जिनमें समझ, निर्णय क्षमता और क्लाइंट के साथ संवाद की जरूरत होती है, वे अभी भी अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। सिस्टम आर्किटेक्ट, सीनियर इंजीनियर और कंसल्टिंग एक्सपर्ट जैसे रोल्स की मांग बनी हुई है।

READ MORE- 2026 में हजारों टेक नौकरियां खत्म! आगे भी निगलने की है तैयारी

आनेवाले समय में नए अवसरों की उम्मीद

एआई के आने के बाद नए प्रकार की नौकरियां का भी तेजी से बढ़ रही है। इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, Cyber Security जैसे क्षेत्रों में मांग लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत में AI टैलेंट की संख्या करीब 12.5 लाख तक पहुंच सकती है। लेकिन मांग इससे कहीं ज्यादा होगी। इस परिवर्तन के साथ सबसे बड़ी चुनौती स्किल गैप की है। इसके लिए गहरी तकनीकी समझ, विश्लेषण क्षमता और नई स्किल्स की जरूरत है।

300 बिलियन डॉलर की यह इंडस्ट्री अब ज्यादा कुशल, लेकिन कम लोगों पर आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही है। भविष्य उन्हीं का होगा जो बदलती स्किल डिमांड के साथ खुद को ढाल पाएंगे।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

OpenAI ने GPT-5.4-Cyber मॉडल लॉन्च किया
Previous Story

अब हैकर्स की खैर नहीं! GPT-5.4-Cyber करेगा हर हमले का जवाब

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss