India government: भारत सरकार अब ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने के तरीके में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब सिर्फ IT मंत्रालय ही नहीं, बल्कि कई दूसरे मंत्रालयों को भी सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट हटाने का आदेश देने का अधिकार मिल सकता है। अभी तक नियम यह है कि Section 69A के तहत अंतिम फैसला सिर्फ IT मंत्रालय ही लेता है। बाकी मंत्रालय अपनी रिक्वेस्ट भेजते हैं, लेकिन आखिरी आदेश वहीं से जारी होता है।
सरकार सोशल मीडिया कंटेंट ब्लॉक करने के नियम बदल सकती है, अब कई मंत्रालयों को सीधे हटाने के आदेश देने की ताकत मिल सकती है।
अब सरकार इस सिस्टम को बदलने की सोच रही है। नई योजना के तहत गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जैसे विभाग सीधे Instagram, Facebook और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट हटाने के आदेश दे सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसे Sahyog पोर्टल के जरिए अलग-अलग एजेंसियां पहले से ही आदेश भेज सकती हैं, उसी तरह Section 69A को भी ज्यादा आसान और तेज बनाया जा सकता है।
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क्यों जरूरी समझा जा रहा है यह बदलाव
सरकार का मानना है कि मौजूदा सिस्टम में काफी देरी होती है। बहुत सारी शिकायतें IT मंत्रालय तक पहुंचती हैं, जिससे वहां एक तरह का बॉटलनेक बन जाता है और कार्रवाई में समय लग जाता है। इसी देरी को कम करने के लिए अब अधिकार अलग-अलग मंत्रालयों में बांटने की योजना बनाई जा रही है, ताकि कंटेंट को जल्दी हटाया जा सके। इसके अलावा, SEBI जैसे रेगुलेटर को भी ऐसे अधिकार दिए जाने की चर्चा है। इसकी वजह है सोशल मीडिया पर बढ़ रही फाइनेंशियल गलत जानकारी, खासकर इंफ्लुएंसर्स के जरिए फैल रही अफवाहें।
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तेजी से हटेगा कंटेंट, लेकिन चिंता भी बढ़ी
सरकार पहले ही कंटेंट हटाने का समय काफी कम कर चुकी है। पहले जहां 24 से 36 घंटे लगते थे, अब कई मामलों में सिर्फ 2 से 3 घंटे में ही कंटेंट हटाया जा रहा है। यह बदलाव तेजी तो लाएगा, लेकिन कुछ लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।
यूजर्स का कहना है कि अब मजाक या आलोचना वाले पोस्ट भी जल्दी हटाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया कंपनियां भी नियमों का पालन तेजी से कर रही हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की सजा या जुर्माना न झेलना पड़े।
