पकड़ी गई पाकिस्तान के Dawn अखबार की गलती, इंटरनेट पर हलचल

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November 16, 2025

Dawn Newspaper: पाकिस्तान का मशहूर अंग्रेजी अखबार Dawn हाल ही में विवादों में  गया है12 नवंबर को बिजनेस सेक्शन में प्रकाशित रिपोर्ट Auto sales rev up in October में एक AI प्रॉम्प्ट छूट गया हैलेख के आखिरी पैराग्राफ में ChatGPT जैसी लाइन दिखाई दी जिससे साफ हो गया कि संपादक इसे हटाना भूल गए हैं  

पाकिस्तान के Dawn अखबार में AI प्रॉम्प्ट छपने से विवादपाठकों और पत्रकारों ने लापरवाही पर सवाल उठाए 

Dawn की यह गलती सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। X पर लोग अखबार की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। कई पाठकों और पत्रकारों ने इसे आश्चर्यजनक और गंभीर चूक बताया। 

AI गलती पर आलोचना 

अखबार में छूटी लाइन में लिखा था कि If you want, I can also create an even snappier front-page style version। इससे पता चलता है कि AI का इस्तेमाल किया गयालेकिन संपादक प्रॉम्प्ट हटाना भूल गए। कई लोगों ने चिंता जताई है कि पाकिस्तान के पुराने और प्रतिष्ठित अखबार में यह लापरवाही कैसे हो सकती है। 

पत्रकारों की प्रतिक्रियाएं 

पत्रकार उमर कुरैशी ने कहा कि अब पत्रकार AI का इस्तेमाल करते हैंलेकिन यह गलती हद से ज्यादा है। दूसरे पत्रकारों ने कहा कि बिजनेस डेस्क को कम से कम अंतिम पैराग्राफ हटाना चाहिए था। पूर्व केंद्रीय मंत्री शिरीन मजारी ने टिप्पणी की है कि अगर संपादक AI प्रॉम्प्ट हटाते तो अखबार की विश्वसनीयता बनी रहती है। पत्रकार मोईद पीरजादा ने भी मजाक करते हुए कहा कि Dawn को AI इस्तेमाल करने के लिए स्मार्टनेस की जरूरत है। 

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नेटिजन्स की प्रतिक्रिया 

Dawn की यह गलती सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। लोग अब बड़े अखबारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने कहा कि संपादकों ने काम में ज्यादा AI इस्तेमाल किया और खुद जांच नहीं की। 

READ MORE: GPT-5 से भी पावरफुल है चीन का यह AI मॉडलअमेरिका की बढ़ा दी चिंता 

 पर कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट साझा किए। एक यूजर ने स्क्रीनशॉट पोस्ट किया है कि लोग असमंजस में हैं और अखबार की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। 

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं।