आजकल ऐप्स और कंटेंट इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि लोग अधिक समय मोबाइल पर बिताएं। इससे कई लोग स्मार्टफोन के आदी हो जाते हैं और रोजमर्रा के कामों से ध्यान हट जाता है।
देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने से स्लीप पैटर्न बदल जाता है। थकान बढ़ती है, सेहत पर बुरा असर पड़ता है और ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है।
मोबाइल में निजी जानकारी जैसे फोटो, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड स्टोर रहते हैं। इंटरनेट से जुड़े होने के कारण हैकर्स डेटा चुरा सकते हैं, जिससे प्राइवेसी खतरे में रहती है।
फिशिंग, मालवेयर और स्कैमिंग जैसी गतिविधियों के कारण लोग ब्लैकमेलिंग और आर्थिक धोखाधड़ी का शिकार बन सकते हैं। मोबाइल और इंटरनेट पर सावधानी बहुत जरूरी है।
मोबाइल से वर्चुअल दोस्त तो बढ़ जाते हैं, लेकिन असल जिंदगी में लोग दूसरों से कटते जा रहे हैं। इससे अकेलापन और मानसिक तनाव बढ़ता है।
मोबाइल की वजह से घर से बाहर निकलना और एक्सरसाइज कम हो गई है। इसके कारण मोटापा, नजर कमजोर होना और बार-बार सिर दर्द जैसी समस्याएं आम हो रही हैं।