नकली चार्जर पहचानना अब आसान, बस जान लें ये ट्रिक्स

मार्केट में मिलने वाले सस्ते सुपरवूक चार्जर दिखने में असली जैसे होते हैं, लेकिन ये फोन की बैटरी, मदरबोर्ड और आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

असली चार्जर पर QR कोड और सीरियल नंबर होता है। गूगल लेंस से स्कैन करिए और दोनों नंबर मैच न हों तो समझिए चार्जर नकली है।

असली चार्जर स्मूथ, मजबूत और प्रीमियम फील देता है। नकली में कटिंग खराब, प्लास्टिक उभरा हुआ और केबल कमजोर होती है।

फोन लगाने पर अगर सुपरवूक,फास्ट चार्जिंग का स्पेशल एनिमेशन नहीं दिखता, तो चार्जर पर शक करना जरूरी है।

असली चार्जर को हिलाने पर कोई आवाज नहीं आती। अंदर से खटखट की आवाज नकली होने का साफ संकेत है।

हमेशा अधिकृत स्टोर या भरोसेमंद शॉप से ही चार्जर लें। थोड़ा महंगा चार्जर, लंबे समय के लिए सुरक्षित सौदा होता है।