PM मोदी का Facebook वीडियो तकनीकी गलती से हट गया था। Meta ने माफी मांगकर वीडियो बहाल किया। कंपनी के मुताबिक, कंटेंट की जांच कम्युनिटी और विज्ञापन नियमों के तहत होती है।
Meta हिंसा, हेट स्पीच, अश्लीलता, गैरकानूनी गतिविधियों और खतरनाक कंटेंट वाले वीडियो हटा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर अकाउंट या पेज पर भी कार्रवाई हो सकती है।
किसी दूसरे का वीडियो बिना बदलाव, कमेंट्री या क्रेडिट के बार-बार पोस्ट करने पर Meta उसकी पहुंच घटा सकता है। कुछ मामलों में कमाई रोकने या वीडियो हटाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
Meta पर वीडियो विज्ञापनों को भी नियमों का पालन करना होता है। भ्रामक स्वास्थ्य दावे और चौंकाने वाली तस्वीरों वाले विज्ञापन रोके जा सकते हैं। राजनीतिक और वित्तीय विज्ञापनों पर अतिरिक्त नियम लागू होते हैं।
YouTube खतरनाक गतिविधियों, साइबर अटैक, हेट स्पीच और ग्राफिक हिंसा वाले वीडियो हटा सकता है। स्पैम, फर्जी कंटेंट, खरीदे गए व्यूज और बिना बदलाव के री-अपलोड पर भी कार्रवाई होती है।
स्पॉन्सरशिप या प्रोडक्ट प्लेसमेंट वाले वीडियो में क्रिएटर को YouTube Studio में पेड प्रमोशन की जानकारी देनी होती है। गैरकानूनी सामान, बिना लाइसेंस दवाइयों और हैकिंग टूल्स का प्रमोशन प्रतिबंधित है।