मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने पहली बार अपनी उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल Sejjil missile का इस्तेमाल किया है। ईरान ने इजरायल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों की ओर कई मिसाइलें दागीं।
Sejjil ईरान की बनाई हुई दो-स्टेज सॉलिड फ्यूल बैलिस्टिक मिसाइल है। माना जाता है कि इसे पूरी तरह देश की अपनी तकनीक से विकसित किया गया है। इस मिसाइल को साज्जिल, अशौरा या अशुरा जैसे नामों से भी जाना जाता है।
यह मिसाइल मध्यम दूरी की श्रेणी में आती है। Sejjil करीब 2000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इसके अलावा यह लगभग 700 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम मानी जाती है।
Sejjil को अक्सर डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि उड़ान के दौरान यह अपनी दिशा बदल सकती है। हवा में रास्ता बदलने की यह क्षमता इसे दूसरी बैलिस्टिक मिसाइलों से थोड़ा अलग बनाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिशा बदलने की क्षमता की वजह से यह मिसाइल दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणाली को भ्रमित कर सकती है। उदाहरण के लिए इजरायल की Iron Dome जैसी तकनीकों के लिए ऐसी मिसाइलों को रोकना ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
Sejjil मिसाइल का विकास 1990 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था। इसकी पहली परीक्षण उड़ान 2008 में हुई थी जिसमें यह करीब 800 किलोमीटर तक गई थी। इसके बाद 2009 में एक और टेस्ट किया गया और बाद के परीक्षणों में यह लगभग 1900 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सफल रही।