चेहरा बना पासवर्ड, LEAK हुआ तो पहचान बदलना नामुमकिन
आज मॉल, एयरपोर्ट, बैंक और ऑफिस में चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक तेजी से इस्तेमाल हो रही है। कई बार आपको पता भी नहीं चलता और कैमरा आपका चेहरा स्कैन कर लेता है।
अगर पासवर्ड या कार्ड डिटेल लीक हो जाए तो उसे बदला जा सकता है, लेकिन फेस डेटा एक बार लीक हो जाए, तो उसे बदलना संभव नहीं होता।
फेशियल रिकग्निशन सिस्टम आपकी फोटो नहीं, बल्कि चेहरे के फीचर्स को डिजिटल डेटा में बदलता है। कैमरा इस डेटा को स्कैन करके आपकी पहचान की पुष्टि करता है।
साइबर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर यह डेटा चोरी हो जाए, तो इसका गलत इस्तेमाल लंबे समय तक हो सकता है। एक बार लीक होने के बाद इसे रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है।
सड़क, मॉल या स्टेडियम हर जगह लगे कैमरे आपको दूर से ट्रैक कर सकते हैं। यह तकनीक बिना बताए आपकी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकती है।
अगर फेस डेटा गलत हाथों में चला जाए, तो AI और डीपफेक से नकली वीडियो या फोटो बनाए जा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने डेटा को लेकर जागरूक रहें और सतर्क रहें।