डार्क वेब इंटरनेट का एक छिपा हुआ हिस्सा है, जिसे आम ब्राउजर जैसे Chrome या Safari से एक्सेस नहीं किया जा सकता। इसके लिए खास ब्राउजर जैसे Tor Browser की जरूरत होती है, जो आपकी पहचान को छिपाकर रखता है।
यह Google या YouTube जैसा ओपन प्लेटफॉर्म नहीं है। यहां की सभी वेबसाइट्स एन्क्रिप्टेड और छिपी होती हैं। कुछ लोग इसका इस्तेमाल प्राइवेसी के लिए करते हैं, लेकिन कई लोग गलत कामों के लिए भी इसका उपयोग करते हैं।
डार्क वेब पर ब्लैक मार्केट चलता है, जहां ड्रग्स, हथियार और चोरी किया हुआ डेटा खरीदा-बेचा जाता है। यहां सब कुछ गुमनाम होता है, इसलिए अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
अगर आपकी पर्सनल जानकारी जैसे आधार, बैंक डिटेल या पासवर्ड चोरी हो जाए, तो वह डार्क वेब पर बिक सकती है। ठग इस डेटा का इस्तेमाल करके बैंक फ्रॉड और पहचान चोरी कर सकते हैं।
यहां हैकिंग, ईमेल अकाउंट तोड़ने और ऑनलाइन फ्रॉड जैसी सर्विस भी उपलब्ध होती हैं। क्रिप्टोकरेंसी के कारण इन गैर-कानूनी कामों को ट्रैक करना और भी मुश्किल हो जाता है।
अनजान लिंक और ईमेल से दूर रहें, मजबूत पासवर्ड और टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। अपनी पर्सनल जानकारी सुरक्षित रखें और बैंक स्टेटमेंट नियमित चेक करते रहें।