मानसून में कूलर चलाते हैं? ये गलती न करें

बारिश के मौसम में कूलर चलाने के 30 से 40 मिनट बाद कमरा ठंडा होने के बजाय चिपचिपा लगने लगता है। इसकी वजह कूलर की खराबी नहीं, बल्कि कमरे में बढ़ती नमी हो सकती है।

मानसून में बाहर की हवा पहले से नम होती है। ऐसे में कमरे को पूरी तरह बंद रखने पर अतिरिक्त नमी अंदर जमा होने लगती है।

कूलर चलाते समय खिड़की को थोड़ा खुला रखें। इससे कमरे की उमस वाली हवा बाहर निकलती है और ताजी हवा अंदर आती है। इससे नमी एक जगह जमा नहीं होती और कमरे में ठंडक बेहतर बनी रहती है।

बेहतर हवा के लिए खिड़की और सामने के दरवाजे को थोड़ा खुला रखें। इससे क्रॉस-वेंटिलेशन होगा। हवा लगातार आती-जाती रहेगी और कमरे में ज्यादा नमी जमा नहीं होगी।

कूलर चलाते समय ये 3 बातें याद रखें खिड़की को पूरी तरह न खोलें। 2-3 इंच का गैप काफी है, मानसून में कूलर को तेज के बजाय धीमी स्पीड पर चलाएं और कूलर को खुली खिड़की के पास रखें, ताकि नमी बाहर निकल सके।

मानसून में कूलर चलाते समय कमरे को पूरी तरह बंद रखना सही तरीका नहीं है। थोड़ी खिड़की खुली रखने और हवा का रास्ता बनाने से अतिरिक्त नमी बाहर निकलती रहेगी। इससे चिपचिपाहट कम होगी ।