Blockchain अब सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं है। भारत में इसका इस्तेमाल कई सरकारी और डिजिटल सेवाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
भारत में Blockchain का उपयोग डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, डिजिटल क्रेडेंशियल्स, जमीन के रिकॉर्ड और सप्लाई चेन ट्रेसेबिलिटी जैसे कई अहम क्षेत्रों में किया जा रहा है।
AZB & Partners के सीनियर पार्टनर हरदीप सचदेवा का कहना है कि भारत में पॉलिसी चर्चा सिर्फ क्रिप्टो तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। Blockchain के व्यापक इस्तेमाल पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक डेटा गवर्नेंस, साइबर सिक्योरिटी, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, इंटरऑपरेबिलिटी, ऑडिट और कानूनी जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को भी नई नीतियों में शामिल किया जाना चाहिए।
भारत सरकार ने कई सरकारी सेवाओं में Blockchain अपनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए National Blockchain Framework (NBF) भी तैयार किया गया है, ताकि इस तकनीक का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग बढ़ाया जा सके।
जैसे-जैसे Blockchain देश के डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बन रहा है, वैसे-वैसे इसके लिए मजबूत कानूनी और प्रशासनिक ढांचे की जरूरत भी बढ़ रही है।