आखिर क्यों ब्लैक रंग में ही आते हैं सारे गैजेट?

टीवी, मॉनिटर, साउंडबार, सेट-टॉप बॉक्स ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ब्लैक रंग में मिलते हैं। भले ही आजकल रंगीन ऑप्शन आ गए हों, लेकिन ब्लैक अब भी कंपनियों की पहली पसंद बना हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम करते समय गर्मी पैदा करते हैं। ब्लैक रंग गर्मी को एब्जॉर्ब करने में बेहतर माना जाता है, जिससे डिवाइस की बॉडी पर हीट का असर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स रोशनी के प्रति संवेदनशील होते हैं। ब्लैक रंग बाहरी लाइट को कम रिफ्लेक्ट करता है और अंदर के पार्ट्स को ज्यादा एक्सपोज होने से बचाता है। इससे डिवाइस की लाइफ और परफॉर्मेंस बेहतर बनी रहती है।

ब्लैक रंग ध्यान नहीं भटकाता। जब आप टीवी या मॉनिटर देखते हैं तो आपकी नजर सीधे स्क्रीन पर रहती है, बॉडी के रंग पर नहीं। यही वजह है कि डिस्प्ले वाले गैजेट में ब्लैक इमर्सिव एक्सपीरियंस देता है।

व्हाइट या हल्के रंग समय के साथ पीले पड़ सकते हैं, खासकर धूप या UV लाइट के कारण। दूसरी तरफ ब्लैक रंग जल्दी फीका नहीं पड़ता। इसलिए गैजेट लंबे समय तक साफ और नया जैसा दिखता है।

ब्लैक एक न्यूट्रल और सभी को पसंद आने वाला रंग है। कंपनियां बड़े पैमाने पर एक ही रंग में प्रोडक्शन करके लागत कम रख पाती हैं। यही वजह है कि ब्लैक गैजेट ज्यादा कॉमन और किफायती भी होते हैं।