Infosys-TCS समेत कंपनियों के ग्रीन कार्ड पर रोक

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने Cognizant, Infosys, TCS, Wipro, HCL और कैपजेमिनी समेत कई IT कंपनियों को PERM प्रोग्राम से सस्पेंड किया है। इसकी वजह कंपनियों से जुड़ी सक्रिय संघीय जांच है।

PERM एक लेबर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया है। इसके तहत कंपनियों को नौकरी के आधार पर विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड के लिए स्पॉन्सर करने से पहले साबित करना होता है कि योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने के लिए PERM सिस्टम के गलत इस्तेमाल के आरोप हैं।

इस सस्पेंशन का मतलब H-1B वीजा रद्द होना नहीं है। प्रभावित कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को H-1B वीजा पर नौकरी दे सकती हैं, लेकिन PERM प्रक्रिया पर रोक से ग्रीन कार्ड की राह मुश्किल हो सकती है।

इस फैसले से उन भारतीय प्रोफेशनल्स के ग्रीन कार्ड आवेदन में देरी हो सकती है, जिनकी कंपनियां उन्हें स्पॉन्सर कर रही हैं। नए PERM आवेदन दाखिल नहीं हो पाएंगे और लंबित आवेदन भी रुक सकते हैं।

FY2023 में ग्रीन कार्ड पाने वाले भारतीयों में लगभग 37% ने रोजगार-आधारित श्रेणियों के जरिए स्थायी निवास हासिल किया था। ऐसे में PERM पर लंबी रोक से अमेरिका में भारतीय टेक कर्मचारियों की अनिश्चितता बढ़ सकती है।