अमेरिका की SC ने Meta की उस अपील को सुनने से इनकार कर दिया, जिसमें कंपनी Instagram एडिक्शन केस को रुकवाना चाहती थी। अब यह मामला आगे बढ़ेगा।
आरोप है कि Instagram को इस तरह डिजाइन किया गया कि कम उम्र के यूजर्स ज्यादा समय तक ऐप पर बने रहें और धीरे-धीरे इसकी लत का शिकार हो जाएं।
वर्मोंट राज्य की अटॉर्नी जनरल का कहना है कि Instagram ने किशोरों की मानसिक और मनोवैज्ञानिक कमजोरियों को समझकर फीचर्स तैयार किए, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा।
Meta और उसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग पहले भी इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं। कंपनी का कहना है कि Instagram बच्चों को निशाना बनाकर डिजाइन नहीं किया गया।
यह मामला सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है। अमेरिका के 42 राज्यों के अटॉर्नी जनरल्स सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।
SC के फैसले के बाद Meta पर दबाव बढ़ सकता है। अब कंपनी को अदालत में जवाब देना होगा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बहस और तेज हो सकती है।