क्या आपने कभी ध्यान दिया कि स्मार्टवॉच उतारते ही पीछे ग्रीन लाइट चमकती है? यह सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि आपकी हेल्थ ट्रैकिंग से जुड़ी खास तकनीक का हिस्सा है।
स्मार्टवॉच आपकी हार्ट बीट और पल्स को मापने के लिए ग्रीन लाइट का इस्तेमाल करती है। इससे वॉच को यह समझने में आसानी होती है कि शरीर में खून का बहाव कैसे हो रहा है।
स्मार्टवॉच फोटोप्लेथिसमोग्राफी (PPG) तकनीक का इस्तेमाल करती है। इसमें वॉच स्किन पर लाइट डालती है और यह रिकॉर्ड करती है कि कितनी लाइट वापस लौट रही है। इसी आधार पर हार्ट रेट की जानकारी मिलती है।
खून में मौजूद हीमोग्लोबिन ग्रीन लाइट को तेजी से सोख लेता है। जब खून कैपिलरीज में बहता है, तो स्मार्टवॉच आसानी से बदलाव पकड़ लेती है। इसी वजह से ग्रीन लाइट सबसे ज्यादा असरदार मानी जाती है।
ग्रीन लाइट त्वचा के अंदर ज्यादा गहराई तक नहीं जाती। इससे स्मार्टवॉच शरीर की सतह के पास से ही सही डेटा उठाती है और ज्यादा सटीक हार्ट रेट रीडिंग दिखाती है।
स्मार्टवॉच में केवल ग्रीन लाइट नहीं होती। कई डिवाइस ब्लड ऑक्सीजन मापने के लिए लाल रंग की लाइट का भी इस्तेमाल करती हैं, क्योंकि हर हेल्थ फीचर की तकनीक अलग होती है।