भारत समेत कई देशों में जन्मदर लगातार कम हो रही है। पहले जहां भारत में एक महिला औसतन 3.4 बच्चों को जन्म देती थी, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 2.0 तक पहुंच गया है। यह रिप्लेसमेंट लेवल से भी कम माना जा रहा है।
अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई देशों में भी बच्चे पैदा करने की दर तेजी से गिर रही है। कुछ देशों में हालात ऐसे हैं कि लोग अब परिवार बढ़ाने से भी बच रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन और डिजिटल दुनिया ने लोगों की जीवनशैली बदल दी है। अब लोग आमने-सामने मिलने की बजाय ज्यादा समय ऑनलाइन बिताने लगे हैं, जिसका असर रिश्तों पर भी पड़ रहा है।
अमेरिका और ब्रिटेन में हुई रिसर्च के मुताबिक जिन इलाकों में 4G इंटरनेट जल्दी पहुंचा, वहां जन्मदर में गिरावट भी तेजी से देखी गई। शोधकर्ताओं का कहना है कि डिजिटल दुनिया लोगों की आदतें बदल रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया पर दूसरों की “परफेक्ट लाइफ” देखकर युवा खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगते हैं। इससे रिश्तों में दूरी और परिवार शुरू करने की सोच भी प्रभावित हो सकती है।
महंगाई, करियर का दबाव, नौकरी की चिंता और आर्थिक असुरक्षा के कारण कई युवा खुद को माता-पिता बनने के लिए तैयार नहीं मानते। अब डिजिटल प्लेटफॉर्म इन चिंताओं को और बढ़ाने का काम कर रहे हैं।