गैस की किल्लत के बाद अब इंटरनेट भी होगा ठग!

क्या LPG की कमी आपका इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर सकती है? सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यह सच हो सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भारत में एक नई चिंता खड़ी कर दी है।

LPG सिर्फ रसोई के लिए नहीं है। टेलीकॉम टावरों और डेटा सेंटरों में लगे जनरेटर भी इसी पर चलते हैं। अगर LPG की सप्लाई रुकी तो इन टावरों का बैकअप सिस्टम कमजोर पड़ सकता है और नेटवर्क पर असर आ सकता है।

सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को LPG में प्राथमिकता देने का आदेश दिया है। इसके बाद तेल कंपनियों ने टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों को LPG की सप्लाई रोक दी है। फिलहाल नेटवर्क सेवाएं सामान्य हैं, लेकिन आगे का खतरा बना हुआ है।

टेलीकॉम टावर बनाने वाले प्लांट्स में जिंक को पिघलाने के लिए लगातार ईंधन चाहिए। LPG न मिले तो ये प्लांट बंद करने पड़ सकते हैं और एक बार बंद हुआ प्लांट दोबारा चालू करना बेहद मुश्किल और समय लेने वाला काम है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि टेलीकॉम इकाइयों को LPG प्रतिबंध से छूट दी जाए। साथ ही जरूरी सुविधाओं को बचाने के लिए प्राथमिकता पर बिजली देने की मांग भी की गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव से होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा है। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है।