AI कंटेंट शेयर किया तो बंद होगा आपका अकाउंट!

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर AI जेनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार ये नियम 20 फरवरी से प्रभावी होंगे।

सरकार ने साफ कहा है कि AI से बने कंटेंट पर लेबल लगाना अनिवार्य होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस लेबल को छिपा नहीं सकते और एक बार लेबल लगने के बाद उसे हटाया भी नहीं जा सकेगा।

नए नियमों के तहत, अगर किसी प्लेटफॉर्म पर डीपफेक या भ्रामक AI कंटेंट पाया जाता है, तो उसे 3 घंटों के अंदर हटाना होगा। पहले यह समय 24 घंटे तक होता था, लेकिन अब सरकार ने इसे बहुत कम कर दिया है।

सरकार ने कुछ तरह के AI कंटेंट को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसमें बच्चों से जुड़ा एडल्ट कंटेंट, फर्जी दस्तावेज, हथियारों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और डीपफेक फोटो-वीडियो शामिल हैं।

सोशल मीडिया कंपनियों को हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी देनी होगी कि AI का गलत इस्तेमाल करने पर जुर्माना या जेल हो सकती है।

अब जिम्मेदारी सिर्फ यूजर्स की नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म की भी होगी। कंपनियों को ऐसे टूल्स लाने होंगे जो AI और डीपफेक कंटेंट की पहचान कर सकें। सरकार के निर्देश पर कंटेंट हटाने में देरी हुई तो प्लेटफॉर्म के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।